बिहार में बाढ़ से 14 जिलों के 44 लाख लोग प्रभावित
बिहार में बाढ़ से 14 जिलों के 44 लाख लोग प्रभावित
पटना, 10 सितंबर (भाषा) बिहार के 14 जिलों में बाढ़ से लगभग 44 लाख लोग प्रभावित हैं और गंगा समेत कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जबकि भागलपुर जिले में बाढ़ के कारण एक ही परिवार के चार लोगों समेत पांच व्यक्तियों की मौत हो गई।
अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को बताया कि राज्य के कई हिस्सों में लगातार हो रही बारिश और नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में भारी वर्षा के कारण नदियां और जलधाराएं उफान पर हैं।
भागलपुर जिले के बाइपास थाना क्षेत्र के कोइली खुटाहा गांव में बाढ़ के पानी में डूबने से पांच लोगों की मौत हो गई। मृतकों में एक ही परिवार के चार सदस्य शामिल हैं।
सबसे अधिक प्रभावित जिलों में पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय और बक्सर शामिल हैं।
मौसम विभाग के अनुसार सितंबर में अब तक राज्य में 90 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है, जो सामान्य से 20 प्रतिशत अधिक है।
इस बीच बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने वैशाली जिले के राघोपुर स्थित अपने विधानसभा क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर लोगों से मुलाकात की। उन्होंने राज्य सरकार पर असंवेदनशील होने का आरोप लगाते हुए कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार ने लोगों को उनके हाल पर छोड़ दिया है।
वहीं मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की पत्नी ममता चौधरी ने मुख्यमंत्री के गृह जिले मुंगेर के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर पीड़ितों से मुलाकात की। उन्होंने सामुदायिक रसोई का निरीक्षण कर राहत व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की।
उनके दौरे के कथित वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हुई, हालांकि ‘पीटीआई भाषा’ उनकी प्रामाणिकता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं कर सका। इस संबंध में भाजपा का कोई नेता टिप्पणी के लिए उपलब्ध नहीं हो सका।
आपदा प्रबंधन विभाग (डीएमडी) के अनुसार, विभिन्न जिलों में लगातार बारिश और नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में भारी वर्षा के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ गया है और कई स्थानों पर वे खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।
विभाग के बयान के मुताबिक, पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया और अररिया जिलों के 85 प्रखंडों की 527 ग्राम पंचायतों में लगभग 43.64 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं।
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, सितंबर में अब तक राज्य में 83.6 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है, जो सामान्य से 24 प्रतिशत अधिक है।
डीएमडी के बुलेटिन के अनुसार, भागलपुर के सुल्तानगंज में गंगा नदी का जलस्तर बृहस्पतिवार सुबह छह बजे 36.72 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान से 2.22 मीटर ऊपर है। हालांकि, जलस्तर स्थिर बना हुआ है।
गंडक नदी डुमरिया घाट, कोसी नदी बलतारा और कुरसेला, बूढ़ी गंडक खगड़िया तथा गंगा नदी दीघा, गांधी घाट, हाथीदह, भागलपुर, कहलगांव और मुंगेर में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। पुनपुन नदी श्रीपालपुर, बागमती बेनीबाद तथा घाघरा नदी दरौली और गंगपुर सिसवन में भी खतरे के स्तर से ऊपर है।
विभाग ने बताया कि बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए विभिन्न जिलों में 951 सामुदायिक रसोई संचालित की जा रही हैं। इसके अलावा 15 राहत शिविरों में 11,255 बाढ़ पीड़ितों के लिए आवास, भोजन, चिकित्सा और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
अब तक प्रभावित लोगों के बीच 2.57 लाख पॉलीथीन शीट और 40,600 सूखा राशन पैकेट वितरित किए जा चुके हैं। राहत एवं बचाव कार्य के लिए 1,932 नाव संचालित की जा रही हैं, जबकि 6,692 क्विंटल पशु चारा भी वितरित किया गया है।
बयान के अनुसार, बृहस्पतिवार सुबह छह बजे गंडक बैराज से 77,600 क्यूसेक, कोसी बैराज से 1,40,240 क्यूसेक और इंद्रपुरी बैराज (सोन नदी) से 72,095 क्यूसेक पानी का बहाव दर्ज किया गया। तीनों स्थानों पर प्रवाह की स्थिति स्थिर बनी हुई है।
संभावित बाढ़ और त्वरित राहत एवं बचाव कार्यों को देखते हुए राज्य के विभिन्न जिलों में 27 एसडीआरएफ और 10 एनडीआरएफ टीम की तैनाती की गई है।
बिहार मौसम विज्ञान केंद्र ने अगले दो दिनों के दौरान राज्य के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम तथा एक-दो स्थानों पर भारी वर्षा का पूर्वानुमान जताया है।
भाषा कैलाश
राजकुमार देवेंद्र
देवेंद्र

Facebook


