पटना, 13 मई (भाषा) बिहार के सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री नीतीश मिश्र ने बुधवार को कहा कि सरकार ने बिहार को कृत्रिम मेधा (एआई) के क्षेत्र में अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित करने के लिए ‘‘बिहार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मिशन’’ को मंजूरी दी है।
सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के बयान के अनुसार मंत्री ने कहा कि इस मिशन का उद्देश्य राज्य में अत्याधुनिक एआई पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करना, कौशल विकास को बढ़ावा देना तथा नवाचार आधारित तकनीकी वातावरण विकसित करना है।
उन्होंने बताया कि मिशन में एआई क्षेत्र के अग्रणी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय उद्योगों तथा संस्थानों की सहभागिता सुनिश्चित करना भी शामिल है, ताकि बिहार को उभरती प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में नई पहचान मिल सके।
मिश्र ने कहा कि राज्य सरकार ने सिंगापुर स्थित प्रतिष्ठित संस्था ‘ग्लोबल फाइनेंस एंड टेक्नोलॉजी नेटवर्क’ (जीएफटीएन) के नामांकन आधारित चयन तथा ‘आर्यभट दृष्टि’ परियोजना के क्रियान्वयन के लिए 209 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की है।
उन्होंने बताया कि ‘नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ सिंगापुर’ के ‘इंस्टीट्यूट ऑफ डिजिटल फाइनेंस’ और ‘लाइनक्स फाउंडेशन’ के सहयोग से पांच माह का उन्नत एआई प्रमाणन कार्यक्रम चलाया जाएगा।
मंत्री के अनुसार, अगले पांच वर्षों में एसटीईएम, गैर-स्नातक तथा स्नातकोत्तर श्रेणी के कुल 7,000 विद्यार्थियों को प्रशिक्षित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि ‘मैसर्स ग्लोबल फाइनेंस एंड टेक्नोलॉजी नेटवर्क’ के माध्यम से एआई एवं क्वांटम-सक्षम डिजिटल सैंडबॉक्स प्लेटफॉर्म ‘आर्यभट टेक्नोलॉजी ऑब्जर्वेटरी’ का निर्माण किया जाएगा, जिससे 100 से अधिक स्टार्टअप लाभान्वित होंगे।
भाषा कैलाश
राजकुमार
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