बिहार: बहादुरपुर आवास बोर्ड कॉलोनी का होगा पुनर्विकास, आवासधारकों को मिलेंगे आधुनिक फ्लैट

बिहार: बहादुरपुर आवास बोर्ड कॉलोनी का होगा पुनर्विकास, आवासधारकों को मिलेंगे आधुनिक फ्लैट

बिहार: बहादुरपुर आवास बोर्ड कॉलोनी का होगा पुनर्विकास, आवासधारकों को मिलेंगे आधुनिक फ्लैट
Modified Date: July 14, 2026 / 08:42 pm IST
Published Date: July 14, 2026 8:42 pm IST

पटना, 14 जुलाई (भाषा) बिहार सरकार ने राजधानी पटना स्थित बहादुरपुर आवास बोर्ड कॉलोनी के पुनर्विकास की तैयारी शुरू कर दी है। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

नगर विकास एवं आवास विभाग इस परियोजना के लिए राष्ट्रीय भवन निर्माण निगम लिमिटेड (एनबीसीसी) के साथ विचार-विमर्श कर रहा है।

विभाग की ओर से मंगलवार को जारी बयान के अनुसार, बिहार राज्य आवास बोर्ड के सभागार में बोर्ड, एनबीसीसी और कॉलोनी के आवासधारकों के साथ एक बैठक हुई।

बैठक की अध्यक्षता नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार ने की।

प्रधान सचिव ने कहा कि राज्य सरकार बहादुरपुर आवास बोर्ड कॉलोनी के पुनर्विकास के लिए प्रतिबद्ध है और आवासधारकों की सहमति मिलने के बाद परियोजना पर काम शुरू किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि एनबीसीसी ने पुनर्विकास की विस्तृत योजना तैयार की है। अधिकारी ने बताया कि लगभग 32.5 एकड़ क्षेत्र में निम्न आय वर्ग (एलआईजी) और मध्यम आय वर्ग (एमआईजी) के आवासों का पुनर्निर्माण कर आधुनिक सुविधाओं से युक्त आवासीय परिसर विकसित किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि परियोजना के तहत 18 मंजिला आवासीय भवनों के अलावा शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, जिम, विद्यालय, मैरेज हॉल, अस्पताल, बैंक, बहुउद्देशीय हॉल तथा धार्मिक स्थल का निर्माण किया जाएगा।

प्रधान सचिव ने बताया कि निर्माण कार्य तीन वर्ष में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है और इस दौरान आवासधारकों को वैकल्पिक आवास के लिए सरकार की ओर से ट्रांजिट रेंट उपलब्ध कराया जाएगा।

उन्होंने बताया कि कॉलोनी के 350 से अधिक आवासधारकों पर तीन लाख रुपये से 40 लाख रुपये तक की बकाया राशि है, जिस पर 14 प्रतिशत ब्याज देय है।

अधिकारी ने बताया कि एकमुश्त भुगतान करने वाले आवासधारकों को 70 प्रतिशत तक की छूट देने का प्रस्ताव है और यह सुविधा सभी आवासधारकों की सहमति मिलने पर लागू की जाएगी।

उन्होंने बताया कि नए आवासों को फ्रीहोल्ड किया जाएगा।

बयान के अनुसार, परियोजना स्थल भूतनाथ मेट्रो स्टेशन के निकट स्थित है और नए परिसर में बहुस्तरीय पार्किंग, हरित क्षेत्र, वर्षा जल संचयन, सौर ऊर्जा आधारित प्रकाश व्यवस्था, चौबीसों घंटे जल एवं बिजली आपूर्ति तथा आधुनिक सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराई जाएगी।

बयान में बताया गया कि परियोजना के तहत एलआईजी और एमआईजी श्रेणी के सैकड़ों आवासधारकों को पहले की तुलना में अधिक सुविधायुक्त और बेहतर गुणवत्ता वाले नए फ्लैट उपलब्ध कराए जाएंगे।

बयान के मुताबिक, परियोजना को पारदर्शिता और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए रेरा के तहत पंजीकृत कराया जाएगा तथा पुनर्वास की प्रक्रिया चरणबद्ध ढंग से पूरी की जाएगी।

प्रधान सचिव ने विश्वास जताया कि यह परियोजना राज्य में आवास पुनर्विकास के क्षेत्र में एक अनुकरणीय पहल साबित होगी।

बैठक में विभाग और बिहार राज्य आवास बोर्ड के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।

भाषा कैलाश जितेंद्र

जितेंद्र


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