बढ़ते शहरीकरण के अनुरूप होगा नगर निकायों का पुनर्गठन : मंत्री नीतीश मिश्र

बढ़ते शहरीकरण के अनुरूप होगा नगर निकायों का पुनर्गठन : मंत्री नीतीश मिश्र

बढ़ते शहरीकरण के अनुरूप होगा नगर निकायों का पुनर्गठन : मंत्री नीतीश मिश्र
Modified Date: July 14, 2026 / 05:38 pm IST
Published Date: July 14, 2026 5:38 pm IST

पटना, 14 जुलाई (भाषा) बिहार के नगर विकास एवं आवास मंत्री नीतीश मिश्र ने मंगलवार को कहा कि राज्य सरकार शहरी विकास की आवश्यकताओं के अनुरूप नगर निकायों के पुनर्गठन, उत्क्रमण और क्षेत्र विस्तार की दिशा में पहल कर रही है।

उन्होंने बताया कि विभाग ने राज्य के सभी जिलाधिकारियों को पत्र भेजकर नगर निकायों से संबंधित औचित्यपूर्ण प्रस्ताव उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।

मिश्र ने कहा कि उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में राज्य के सतत और योजनाबद्ध शहरी विकास को नई गति मिल रही है।

उन्होंने कहा कि नगर निकायों के पुनर्गठन, क्षेत्र विस्तार की यह पहल बढ़ते शहरीकरण के अनुरूप बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था, गुणवत्तापूर्ण नागरिक सुविधाएं तथा समावेशी विकास सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण होगी।

विभाग की ओर से जारी बयान के अनुसार, मंत्री ने बताया कि जनगणना का कार्य 31 मार्च, 2027 तक पूरा होने के बाद राज्य में नए नगर निकायों के गठन, पुराने नगर निकायों के उत्क्रमण तथा क्षेत्र विस्तार से संबंधित प्रस्तावों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

मिश्र ने कहा कि सरकार ने निर्णय लिया है कि जनगणना का कार्य पूरा होने तक नगर निकायों से संबंधित प्रस्ताव आमंत्रित किए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि इनमें दो या अधिक नगरपालिका क्षेत्रों का विलय कर एक नगरपालिका क्षेत्र का गठन, नगरपालिका क्षेत्र से सटे ग्रामीण क्षेत्रों को संबंधित नगर निकाय में शामिल करना, नए नगर निकायों का गठन तथा पुराने नगर निकायों के उत्क्रमण से जुड़े प्रस्ताव शामिल होंगे।

मंत्री ने कहा कि इससे जनगणना पूरी होने के बाद आवश्यक विधिक और प्रशासनिक प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाया जा सकेगा।

मिश्र ने कहा, “राज्य के अनेक नगर निकायों में तेजी से शहरीकरण हुआ है, जिसके परिणामस्वरूप कई निकायों की भौतिक संरचना, विकास का स्वरूप और नागरिक सुविधाएं लगभग समान हो गई हैं। ऐसी स्थिति में प्रशासनिक दक्षता, बेहतर शहरी नियोजन और नागरिक सेवाओं की प्रभावी उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ऐसे निकायों को एकीकृत कर एक नगरपालिका क्षेत्र के रूप में गठित करने की आवश्यकता महसूस की जा रही है।”

उन्होंने कहा कि राज्य के कई छोटे लेकिन तेजी से विकसित हो रहे शहरी क्षेत्रों की नगर पंचायतों को नगर परिषद तथा कुछ बड़े नगर परिषदों को नगर निगम में उत्क्रमित किए जाने की संभावनाओं पर भी वैधानिक प्रावधानों के अनुरूप विचार किया जाएगा।

मिश्र ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य शहरी विकास को सुव्यवस्थित, समावेशी और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप बनाना है।

उन्होंने कहा कि विभाग इस पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी, विधिसम्मत और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आगे बढ़ाएगा।

भाषा कैलाश जितेंद्र

जितेंद्र


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