बिहार: बसपा ने लगाया पार्टी और एकमात्र विधायक को तोड़ने का आरोप

बिहार: बसपा ने लगाया पार्टी और एकमात्र विधायक को तोड़ने का आरोप

बिहार: बसपा ने लगाया पार्टी और एकमात्र विधायक को तोड़ने का आरोप
Modified Date: November 26, 2025 / 07:58 pm IST
Published Date: November 26, 2025 7:58 pm IST

पटना, 26 नवंबर (भाषा) बिहार में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) एक बार फिर अपने अस्तित्व संबंधी संकट से जूझती नजर आ रही है। हालिया विधानसभा चुनाव में पार्टी को एक सीट पर मिली जीत भी अब राजनीतिक विवादों और खींचतान के केंद्र में आ गई है।

कैमूर जिले की रामगढ़ सीट से बसपा के सतीश कुमार सिंह यादव ने मात्र 30 वोट के अंतर से भाजपा उम्मीदवार अशोक कुमार सिंह को हरा दिया।

बसपा ने बुधवार को पटना में स्थित महाराजा कॉम्प्लेक्स में आयोजित राज्यस्तरीय समीक्षा बैठक में आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष उनके अकेले विधायक को तोड़ने की कोशिश कर रहा है तथा उन्हें कई तरह के प्रलोभन दिए जा रहे हैं।

बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद ने संगठन की मजबूती और विधायकों की निष्ठा पर जोर देते हुए कहा कि पार्टी दलबदल के किसी भी प्रयास का डटकर मुकाबला करेगी।

बैठक में मौजूद बिहार प्रभारी अनिल कुमार ने दावा किया कि “सत्ता पक्ष लगातार संपर्क साध रहा है और सतीश यादव को अपने पक्ष में करने की कोशिशें जारी हैं, लेकिन बसपा विधायक किसी भी दबाव या लालच में नहीं आने वाले।”

यह आरोप इसलिए भी अहम माने जा रहे हैं क्योंकि बिहार में बसपा विधायकों के बदलबदल का इतिहास रहा है। वर्ष 2020 के विधानसभा चुनाव में कैमूर जिले की चैनपुर सीट पर बसपा के मोहम्मद जमा खान ने जीत दर्ज की थी, लेकिन 2021 में उन्होंने बसपा का साथ छोड़कर जदयू का दामन थाम लिया था। इसके बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उन्हें कैबिनेट में शामिल कर अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री बना दिया था।

जमा खान इस बार भी जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के टिकट पर चैनपुर से चुनाव जीत चुके हैं और एक बार फिर नीतीश सरकार में मंत्री बनाए गए हैं। वह राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार में एकमात्र मुस्लिम मंत्री हैं।

इस पृष्ठभूमि में बसपा को आशंका है कि 2025 में जीत हासिल करने वाले उनके एकमात्र विधायक भी सत्ता पक्ष की रणनीति का निशाना बन सकते हैं।

बसपा की समीक्षा बैठक में इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा हुई और पार्टी नेतृत्व ने संकेत दिया कि संगठन किसी भी प्रकार की टूट या दलबदल की आशंका को रोकने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहा है।

भाषा कैलाश

जोहेब

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