बिहार मंत्रिमंडल ने 11 नए टाउनशिप को दी मंजूरी, मास्टर प्लान तक जमीन खरीद-बिक्री और निर्माण पर रोक

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बिहार मंत्रिमंडल ने 11 नए टाउनशिप को दी मंजूरी, मास्टर प्लान तक जमीन खरीद-बिक्री और निर्माण पर रोक

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  • Publish Date - April 22, 2026 / 08:44 PM IST,
    Updated On - April 22, 2026 / 08:44 PM IST

पटना, 22 अप्रैल (भाषा) बिहार सरकार ने राज्य में सुनियोजित शहरीकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 11 ‘ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप’ विकसित करने का निर्णय लिया है। मंत्रिमंडल की बैठक के बाद नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार ने यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि चयनित टाउनशिप क्षेत्रों में भूमि के क्रय-विक्रय, हस्तांतरण तथा किसी भी प्रकार के नए निर्माण कार्य पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। यह पाबंदी तब तक प्रभावी रहेगी, जब तक इन क्षेत्रों का मास्टर प्लान अधिसूचित नहीं हो जाता।

प्रधान सचिव ने कहा कि सरकार का उद्देश्य इन क्षेत्रों में अनियोजित निर्माण को रोकना है, ताकि भविष्य में इन्हें विश्वस्तरीय सुविधाओं से युक्त नए आर्थिक केंद्रों के रूप में विकसित किया जा सके।

उन्होंने बताया कि मास्टर प्लान अधिसूचित करने के लिए शहरों को दो समूहों में बांटा गया है। पहले समूह में पटना, सोनपुर, गया, दरभंगा, सहरसा, पूर्णिया और मुंगेर को रखा गया है, जिनका मास्टर प्लान (पटना के संदर्भ में जोनल प्लान) 31 मार्च 2027 तक अधिसूचित किया जाना है।

दूसरे समूह में मुजफ्फरपुर, छपरा, भागलपुर और सीतामढ़ी के सीतापुरम क्षेत्र को शामिल किया गया है। इनके लिए आयोजना क्षेत्र का विस्तार करते हुए 30 जून 2027 तक मास्टर प्लान अधिसूचित करने की समय सीमा तय की गई है।

उन्होंने बताया कि इन प्रस्तावित टाउनशिप का नामकरण भी किया गया है। पटना में बनने वाले टाउनशिप का नाम पाटलिपुत्र, दरभंगा का मिथिला, सहरसा का कोसी, पूर्णिया का पूर्णिया, गया का मगध, मुंगेर का अंग, मुजफ्फरपुर का तिरहुत, भागलपुर का विक्रमशिला, छपरा का सारण, सीतामढ़ी का सीतापुरम तथा सोनपुर का हरिहरनाथ पुरम रखा जाएगा।

कुमार ने बताया कि इन ‘सैटेलाइट टाउनशिप’ के विकास से मौजूदा शहरों पर दबाव कम होगा, योजनाबद्ध शहरी विस्तार संभव होगा तथा निजी और संस्थागत निवेश को बढ़ावा मिलेगा।

भाषा कैलाश धीरज

धीरज