पटना/मुजफ्फरपुर, 11 अगस्त (भाषा) बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान शहीद हुए राज्य के सात स्वतंत्रता सेनानियों को उनकी शहादत की 84वीं वर्षगांठ पर श्रद्धांजलि अर्पित की। पटना स्थित शहीद स्मारक (सप्तमूर्ति) में आयोजित राजकीय समारोह में चौधरी ने सातों शहीदों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह, विधानसभा के उपाध्यक्ष नरेंद्र नारायण यादव, राज्य सरकार के कई मंत्री, विधायक तथा पुलिस एवं प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, चौधरी ने बिहार विधानसभा परिसर स्थित शहीद पार्क में अमर ज्योति के समक्ष पुष्पचक्र भी अर्पित किया।
देशभर में 11 अगस्त, 1942 को भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान युवा छात्रों का एक समूह भारतीय ध्वज फहराने के लिए पटना सचिवालय की ओर बढ़ा था।
ब्रिटिश जिला मजिस्ट्रेट के आदेश पर प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी की गई, जिसमें सात नाबालिग स्वतंत्रता सेनानी शहीद हो गए थे।
बिहार में 11 अगस्त को ‘सप्त शहीद दिवस’ के रूप में मनाया जाता है।
शहीद होने वाले सात स्वतंत्रता सेनानियों में उमाकांत प्रसाद सिंह, रामानंद सिंह, सतीश प्रसाद झा, जगतपति कुमार, देवीपद चौधरी, राजेंद्र सिंह और रामगोविंद सिंह शामिल थे।
इन सभी की प्रतिमाएं पटना स्थित शहीद स्मारक में स्थापित हैं।
इस बीच, मुजफ्फरपुर जिला प्रशासन ने क्रांतिकारी स्वतंत्रता सेनानी खुदीराम बोस को भी श्रद्धांजलि अर्पित की।
ब्रिटिश सरकार ने 11 अगस्त, 1908 को महज 18 वर्ष की उम्र में बोस को फांसी दी थी।
कार्यक्रम सुबह करीब साढ़े चार बजे आयोजित किया गया, जिसमें पश्चिम बंगाल से आए बोस के परिवार के सदस्यों के अलावा जिले के वरिष्ठ पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी शामिल हुए।
बंगाल के मेदिनीपुर जिले में जन्मे बोस 1905 में बंगाल विभाजन के बाद क्रांतिकारी गतिविधियों से जुड़ गए थे।
भाषा कैलाश जितेंद्र
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