पटना, 18 सितंबर (भाषा) बिहार कांग्रेस ने गुरुवार को भागलपुर जिले में एक औद्योगिक समूह को नाममात्र दर पर 1,050 एकड़ भूमि आवंटित किए जाने के खिलाफ राजधानी पटना में विरोध मार्च निकाला। पार्टी ने इस आवंटन को ‘‘जनता के साथ धोखा और किसानों के भविष्य को गिरवी रखने’’ वाला कदम करार दिया।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम के नेतृत्व में यह मार्च पार्टी मुख्यालय सदाकत आश्रम से शुरू होकर बांस घाट तक पहुंचा। बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां लेकर केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ नारे लगाए और इस भूमि आवंटन को अविलंब रद्द करने की मांग की।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, ‘‘भागलपुर के पीरपैंती क्षेत्र में एक औद्योगिक समूह को पावर प्लांट लगाने के लिए 1,050 एकड़ भूमि और 10 लाख पेड़ मात्र एक रुपये सालाना की दर से 33 वर्षों के लिए ‘उपहार’ के रूप में सौंप दिए गए। किसानों को डराकर, पेंसिल से दस्तखत करवाकर उनकी जमीन ली गई और अब उसी प्लांट से पैदा की गई बिजली आम जनता को ऊंची दरों पर बेची जाएगी।’’
उन्होंने कहा कि महागठबंधन की सरकार बनने के बाद इस ‘‘जनविरोधी सौदे’’ को रद्द किया जाएगा।
राजेश राम ने आरोप लगाया कि बिहार की राजग सरकार किसानों और युवाओं के भविष्य को एक विशेष औद्योगिक समूह के हाथों गिरवी रख रही है।
राम ने कहा, ‘‘1050 एकड़ भूमि देना और 10 लाख पेड़ों की बलि देना केवल किसानों के साथ अन्याय नहीं, बल्कि बिहार की जनता के खिलाफ एक बड़ी लूट है।’’
भाषा कैलाश सिम्मी माधव
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