बिहार : हड़ताल पर गए राजस्व अधिकारियों को सरकार की चेतावनी

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बिहार : हड़ताल पर गए राजस्व अधिकारियों को सरकार की चेतावनी

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  • Publish Date - March 9, 2026 / 08:07 PM IST,
    Updated On - March 9, 2026 / 08:07 PM IST

पटना, नौ मार्च (भाषा) बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने राजस्व विभाग के 100 दिन पूरे होने के अवसर पर सोमवार को विभाग की उपलब्धियां गिनाईं और हड़ताल पर गए अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी।

राजस्व विभाग में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में सिन्हा ने कहा कि हड़ताल पर गए अंचलाधिकारी (सीओ) और राजस्व अधिकारियों (आरओ) के अनुपस्थित रहने के दिनों की गणना सरकार कर रही है। उन्होंने कहा कि यदि कोई अधिकारी ठीक से नौकरी नहीं करेगा तो उसकी सेवा समाप्त भी की जा सकती है।

राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री सिन्हा ने कहा, “अगर नौकरी करनी है तो सेवा भाव से करें। जो लोग ढंग से काम नहीं करेंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।”

सिन्हा ने कहा कि कुछ लोग हड़ताल कर अपनी ही मांगों को कमजोर कर रहे हैं।

उन्होंने कहा, “यह मौसम हड़ताल का नहीं, बल्कि काम करने का है। मार्च का महीना मिलकर काम करने और विभाग की प्रतिष्ठा बढ़ाने का है। लोगों की समस्याओं का समाधान कर अच्छा संदेश देना चाहिए था, लेकिन हड़ताल से जनता के बीच गलत संदेश जा रहा है।”

उपमुख्यमंत्री ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि अभी भी समय है, जो अधिकारी और कर्मचारी काम पर लौट आएंगे, उनकी मांगों पर विचार किया जाएगा, लेकिन जो नहीं लौटेंगे उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा कि यदि अंचलाधिकारी और कर्मचारी स्थायी रूप से हड़ताल पर जाते हैं तो सरकार विभाग में नयी बहाली भी कर सकती है।

उन्होंने कहा कि इससे परेशानी हड़ताल करने वालों की ही बढ़ेगी और जरूरत पड़ने पर निलंबन की कार्रवाई भी की जाएगी।

सिन्हा ने कहा कि पिछले 100 दिनों के दौरान विधानसभा का सत्र भी चला और होली जैसे बड़े त्योहार भी आए, लेकिन इसके बावजूद विभाग ने लगातार काम किया।

उन्होंने बताया कि बिहार से जुड़ी जमीनों की जानकारी को एक ही मंच पर उपलब्ध कराने के लिए ‘बिहार भूमि पोर्टल’ की शुरुआत की गई है, जिससे लोगों को जमीन से संबंधित कार्यों में सुविधा होगी।

उपमुख्यमंत्री ने हड़ताल के पीछे साजिश की आशंका भी जताई। उन्होंने कहा कि साजिश करने वाले भू-माफिया आने वाले दिनों में अफसोस करेंगे, क्योंकि सरकार ऐसे प्रयासों से प्रभावित होने वाली नहीं है।

भाषा

कैलाश

रवि कांत