पटना, नौ सितंबर (भाषा) बिहार सरकार के ‘महा रोजगार मेले’ में नौकरी पाने वाली एक नर्स से जुड़े कथित देह व्यापार के आरोपों का मामला बुधवार को राजनीतिक विवाद का विषय बन गया। हालांकि संबंधित नर्स ने ‘पीटीआई-भाषा’ से बातचीत में स्पष्ट किया कि उसने ऐसा कोई आरोप नहीं लगाया और वीडियो फर्जी है।
यह विवाद उस वीडियो के सामने आने के बाद शुरू हुआ, जिसमें नर्स पूजा कुमारी नाम की युवती यह आरोप लगाती दिख रही है कि दिल्ली में नौकरी के बहाने उसे जबरन देह व्यापार में धकेलने की कोशिश की गई। हालांकि ‘पीटीआई-भाषा’ इस वीडियो को पुष्टि नहीं करता है।
वीडियो के सामने आने के बाद बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष एवं राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना समुचित पृष्ठभूमि सत्यापन के निजी कंपनियों को सरकारी रोजगार मेलों में शामिल होने की अनुमति दी जा रही है।
पूजा कुमारी को अगस्त 2026 में पटना के ज्ञान भवन में आयोजित ‘मेगा जॉब फेयर’ में दिल्ली में नर्स की नौकरी का नियुक्ति पत्र मिला था। वायरल वीडियो में दावा किया गया कि दिल्ली पहुंचने पर उसे अस्पताल के बजाय एक कमरे में बंद कर दिया गया और अवैध गतिविधियों में शामिल होने का दबाव बनाया गया।
उल्लेखनीय है कि पटना के ज्ञान भवन में आयोजित ‘महा रोजगार मेला’ के पांच दिवसीय आयोजन के समापन पर 24 अगस्त को विभिन्न भर्ती कंपनियों में चयनित अभ्यर्थियों को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने नियुक्ति पत्र वितरित किए थे।
हालांकि पूजा कुमारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, “मैंने ऐसा कोई आरोप नहीं लगाया है। मेरी बातों को तोड़-मरोड़कर एवं गलत संदर्भ में दिखाया गया है, जो वास्तविक सच्चाई से अलग है। मुझे जिस कंपनी में काम मिला था, उसके द्वारा तय समय से अधिक काम कराए जाने एवं रहने की समुचित व्यवस्था अच्छी नहीं होने के कारण शिकायत की थी, न कि मैंने किसी भी प्रकार के यौन शोषण के बारे में कहा था।’’
हालांकि, राज्य के युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग ने इन आरोपों का तत्काल खंडन किया। विभाग ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि डिजिटल मीडिया में प्रकाशित खबर का संज्ञान लेकर मामले की जांच की गई और संबंधित महिला से संपर्क किया गया।
विभाग के अनुसार, महिला ने अपने पति की उपस्थिति में हस्ताक्षरित लिखित बयान देकर कहा कि वीडियो ने उसकी बातों को संदर्भ से हटाकर पेश किया। महिला ने स्पष्ट किया कि उसने केवल दिल्ली में नौकरी के दौरान अत्यधिक कठिन कार्य-समय और असंतोषजनक आवास व्यवस्था की शिकायत की थी।
भाषा कैलाश सुरभि
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