बिहार : विश्वास मत प्रस्ताव पर सत्ता-पक्ष और विपक्ष आमने-सामने, तेजस्वी ने उठाए आर्थिक मुद्दे

बिहार : विश्वास मत प्रस्ताव पर सत्ता-पक्ष और विपक्ष आमने-सामने, तेजस्वी ने उठाए आर्थिक मुद्दे

बिहार : विश्वास मत प्रस्ताव पर सत्ता-पक्ष और विपक्ष आमने-सामने, तेजस्वी ने उठाए आर्थिक मुद्दे
Modified Date: April 24, 2026 / 12:27 pm IST
Published Date: April 24, 2026 12:27 pm IST

पटना, 24 अप्रैल (भाषा) बिहार विधानसभा के एक दिवसीय विशेष सत्र में शुक्रवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार की ओर से विश्वास मत प्रस्ताव पेश किया गया जिस पर चर्चा के दौरान सत्ता-पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली।

विश्वास मत प्रस्ताव पर चर्चा में भाग लेते हुए उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष को सबसे अधिक परेशानी इस बात से है कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन ( राजग) सरकार लगातार बन रही है, जबकि उनकी सरकार नहीं बन पा रही है। ‘‘अब तो सत्ता राजग के दूसरी पीढ़ी के नेताओं के हाथ में आ गई है।’’

उन्होंने कहा कि जनता का भरोसा जीतना ही राजनीति का सबसे बड़ा आधार होता है। चौधरी ने कहा ‘‘सत्ता के शीर्ष पद पर पहुंचने के बाद उसे अगली पीढ़ी को सौंपना आसान नहीं होता और बिहार ने ऐसा उदाहरण देखा है, जहां नेतृत्व ने स्वयं आगे बढ़कर नई पीढ़ी को अवसर दिया। यह काम नीतीश कुमार ने किया है।’’

उपमुख्यमंत्री ने बिना नाम लिए विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए कहा कि कुछ लोग तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश कर रहे हैं। उन्होंने महिलाओं की भागीदारी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि महिलाओं को आगे बढ़ने से रोका नहीं जाना चाहिए तथा समाज और राजनीति दोनों में उनकी भूमिका मजबूत होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि अपने काम लोगों को याद रहते हैं, लेकिन दूसरों के काम को भुला दिया जाता है।

वहीं, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने चर्चा के दौरान राज्य की आर्थिक स्थिति को प्रमुख मुद्दा बनाया। उन्होंने नीति आयोग की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि बिहार आज भी देश के सबसे गरीब राज्यों में गिना जाता है।

तेजस्वी ने कहा कि जब सरकारी खजाना खाली रहेगा, तब विकास कार्यों की गति कैसे बढ़ेगी? उन्होंने सरकार से आर्थिक मोर्चे पर ठोस कदम उठाने की मांग की।

उन्होंने दावा किया कि लालू प्रसाद के शासनकाल में वित्तीय प्रबंधन बेहतर था और राज्य अधिशेष की स्थिति में रहता था।

अपने संबोधन के अंत में तेजस्वी यादव ने नयी सरकार को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि विपक्ष का संख्या बल भले ही कम हो, लेकिन संवाद आवश्यक है। उन्होंने सरकार से विपक्ष को साथ लेकर चलने का आग्रह किया।

तेजस्वी यादव ने महिला आरक्षण में अन्य पिछड़ा वर्ग को शामिल करने की मांग की। साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि सभी दलों के नेताओं को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मिलवाया जाए, ताकि बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिलाने की दिशा में प्रयास तेज किए जा सकें।

उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने कहा राज्य सरकार के खजाने में पर्याप्त राशि है।

भाषा कैलाश

मनीषा

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