बिहार पुलिस ने छह एफएसएल को चालू करने का प्रस्ताव केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजा

बिहार पुलिस ने छह एफएसएल को चालू करने का प्रस्ताव केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजा

बिहार पुलिस ने छह एफएसएल को चालू करने का प्रस्ताव केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजा
Modified Date: January 19, 2026 / 06:25 pm IST
Published Date: January 19, 2026 6:25 pm IST

पटना, 19 जनवरी (भाषा) बिहार पुलिस ने छह नयी अपराध विज्ञान प्रयोगशालाओं (एफएसएल) के लिए 163 करोड़ रुपये का एक प्रस्ताव केंद्रीय गृह मंत्रालय (एमएचए) को भेजा है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी।

वर्तमान में बिहार में चार एफएसएल हैं, जिसमें एक राज्य स्तरीय एफएसएल पटना में और तीन क्षेत्रीय एफएसएल मुजफ्फरपुर, भागलपुर और राजगीर में हैं।

अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजीपी -आपराधिक जांच विभाग) पारस नाथ ने संवाददाताओं से कहा, “हमने छह और स्थानों पर एफएसएल शुरू करने के लिए 163 करोड़ रुपए का प्रस्ताव भेजा है। यह प्रस्ताव पुलिस मुख्यालय से गृह विभाग और वहां से केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजा गया है।”

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उन्होंने कहा कि यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो पुलिस आवश्यक उपकरण खरीदेगी और 2026 में छह नयी क्षेत्रीय अपराध विज्ञान प्रयोगशालाएं चालू की जायेंगी।

एडीजीपी ने यह भी बताया कि साइबर इकाइयां शुरू करने के लिए राष्ट्रीय अपराध विज्ञान विश्वविद्यालय (एनएफएसयू) के साथ जुलाई 2025 में एक समझौता किया गया और इसके लिए आवश्यक सामान खरीदने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।

उन्होंने कहा, “एफएसएल पटना और राजगीर में बिहार पुलिस अकादमी में स्थित क्षेत्रीय अपराध विज्ञान प्रयोगशाला में हमने साइबर अपराध विज्ञान इकाइयां शुरू करने के लिए एनएफएसयू के साथ जुलाई 2025 में समझौता किया है और इसके लिए आवश्यक वस्तुओं की खरीद की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।”

एडीजीपी ने बताया कि पुलिस के पास सभी अपराध विज्ञान प्रयोगशालाओं और जिलों में कुल 85 वरिष्ठ वैज्ञानिक सहायक एवं 44 राजपत्रित अधिकारी हैं।

उन्होंने कहा, “हालांकि हमारे यहां अब भी 100 वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारियों और 89 सहायक निदेशकों के पद खाली हैं। हमें उम्मीद है कि सत्यापन के बाद इस माह के अंत या फरवरी तक संविदा के आधार पर उपयुक्त अभ्यर्थी जुड़ जाएंगे, जिससे साक्ष्य परीक्षण की प्रक्रिया में तेजी आएगी।”

भाषा कैलाश

राजकुमार

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