बिहार प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों के क्रियान्वयन के लिए दिया प्रशिक्षण

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बिहार प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों के क्रियान्वयन के लिए दिया प्रशिक्षण

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  • Publish Date - May 7, 2026 / 11:47 PM IST,
    Updated On - May 7, 2026 / 11:47 PM IST

पटना, सात मई (भाषा) बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (बीएसपीसीबी) ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2025 के क्रियान्वयन के लिए पिछले तीन सप्ताह में 20 हजार अधिकारियों और स्थानीय निकाय के जनप्रतिनिधियों को प्रशिक्षण दिया। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।

अधिकारियों के अनुसार, नियमों के क्रियान्वयन को लेकर यह ऑनलाइन प्रशिक्षण 15 अप्रैल से सात मई के बीच 12 चरणों में आयोजित किया गया।

बोर्ड द्वारा जारी बयान के मुताबिक, नियमों के सख्त अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए बीएसपीसीबी ने नगर विकास एवं आवास विभाग, ग्रामीण विकास विभाग तथा पंचायती राज विभाग सहित विभिन्न हितधारकों के सहयोग से मुखिया, जिलाधिकारी, पंचायत स्तरीय अधिकारियों और अन्य संबंधित लोगों के लिए ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया।

बीएसपीसीबी के अध्यक्ष डी.के. शुक्ला ने 12वें सत्र का उद्घाटन करते हुए कहा, “इन नियमों की मूल अवधारणा पुनर्चक्रण आधारित अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना तथा देश के सीमित संसाधनों का अधिकतम उपयोग, पुन: उपयोग और पुनर्चक्रण सुनिश्चित करना है। प्रशिक्षित अधिकारी इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।”

उन्होंने कहा कि संस्थानों, मॉल, अपार्टमेंट समेत कचरा पैदा करने वाले स्थानों को अपने कचरे के निस्तारण के लिए जिम्मेदार ठहराया जाएगा। यदि वे अपने गीले कचरे का प्रसंस्करण नहीं कर सकते हैं, तो उन्हें स्थानीय निकाय से प्रमाणपत्र प्राप्त करना होगा।

अधिकारियों ने उल्लेख किया कि 19 फरवरी को उच्चतम न्यायालय ने अपने आदेश में कहा था कि नियमों का अनुपालन नहीं होना केवल प्रशासनिक विफलता नहीं माना जाएगा, बल्कि अपने कर्तव्यों का पालन नहीं करने वाले अधिकारियों के खिलाफ अभियोजन का भी प्रावधान होगा।

उन्होंने बताया कि उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को यह भी निर्देश दिया कि नियमों का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के लिए जिलाधिकारियों को पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 की धारा-5 के तहत विशेष अधिकार दिए जाएं।

भाषा कैलाश आशीष

आशीष