पटना, दो जनवरी (भाषा) बिहार राज्य महिला आयोग (बीएसडब्ल्यूसी) ने शुक्रवार को कहा कि वह उत्तराखंड सरकार की मंत्री रेखा आर्य के पति गिरधारी लाल साहू को बिहार की महिलाओं को लेकर कथित रूप से आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में नोटिस भेजेगा।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक कथित वीडियो में साहू को यह कहते सुना जा रहा है, ‘‘क्या तुम बुढ़ापे में शादी करोगे? अगर शादी नहीं हो पा रही है तो हम बिहार से लड़की ले आएंगे,वहां 20–25 हजार रुपए में मिल जाएगी।’’
अल्मोड़ा में एक कार्यक्रम के दौरान साहू कथित तौर पर यह भी कहते हैं, ‘‘मेरे साथ चलो, तुम्हारी शादी करवा देंगे।’’
हालांकि ‘पीटीआई-भाषा’ इस वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं कर सका है।
साहू की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए बिहार राज्य महिला आयोग (बीएसडब्ल्यूसी) की अध्यक्ष अप्सरा ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘उनकी टिप्पणी बेहद निंदनीय है। यह उनकी मानसिक दिवालियापन को दर्शाती है। उनकी पत्नी उत्तराखंड सरकार में मंत्री हैं, ऐसे में वह महिलाओं के बारे में इस तरह का बयान कैसे दे सकते हैं? उन्हें सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। बिहार महिला आयोग ने उनसे बिना शर्त माफी मांगने के लिए नोटिस भेजने का निर्णय लिया है।’’
अप्सरा ने कहा कि बिहार ने महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक सशक्तीकरण में एक मिसाल कायम की है। उन्होंने कहा, ‘‘राज्य सरकार ने महिलाओं के अधिकारों की रक्षा और उनकी स्थिति में सुधार के लिए हर संभव प्रयास किया है। बिहार की महिलाओं में आत्मविश्वास और आत्मसम्मान में अभूतपूर्व वृद्धि इसका जीवंत उदाहरण है।’’
इस बीच, बिहार के मुख्य विपक्षी राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव ने भी साहू की कथित टिप्पणी की कड़ी आलोचना की।
यादव ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘भाजपा नेता पहले 10 हजार रुपये में महिलाओं का वोट खरीदने की बात करते हैं और अब बिहार से 20-25 हजार रुपये में लड़कियां लाने की बात कर रहे हैं। भाजपाइयों की बिहार और महिलाओं के प्रति सोच शुरू से ही विषैली रही है।’’
कांग्रेस की बिहार इकाई के अध्यक्ष राजेश राम ने इस कथित बयान को बेहद शर्मनाक और घृणित बताया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार की महिला एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्य के पति द्वारा बिहार की बेटियों को लेकर इस तरह की टिप्पणी निंदनीय है और भाजपा को अविलंब बिहार की बेटियों से माफी मांगनी चाहिए।
राजेश राम ने कहा,‘‘सार्वजनिक मंच से बिहार की बेटियों की कीमत लगाने और उनकी खरीद-फरोख्त जैसी भाषा का इस्तेमाल करना भाजपा के ‘चाल, चरित्र और चेहरे’ को उजागर करता है।’’
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नेता लगातार बाहरी प्रदेशों में बिहार का अपमान करते हैं और ऐसे लोगों को संरक्षण देते हैं।
भाषा कैलाश
धीरज
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