कृषि इनपुट अनुदान के लिए आवेदन करें बिहार के आपदा प्रभावित किसान: मंत्री
कृषि इनपुट अनुदान के लिए आवेदन करें बिहार के आपदा प्रभावित किसान: मंत्री
पटना, 26 नवंबर (भाषा) बिहार के कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने बुधवार को कहा कि अक्टूबर में हुई अत्यधिक बारिश, बाढ़ और मोन्था तूफान से 12 जिलों में फसलें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुई थी।
उन्होंने बताया कि सरकार ने कृषि इनपुट अनुदान योजना के तहत किसानों को तत्काल राहत प्रदान करने के लिए आवेदन की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
उन्होंने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों का विस्तृत सर्वेक्षण पूरा कर लिया गया है।
यादव ने कहा कि प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों को शीघ्र आर्थिक सहयोग देना राज्य सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा कि योजना का लाभ उन सभी रैयत एवं गैर-रैयत किसानों को दिया जाएगा जिनकी फसलें 33 प्रतिशत से अधिक क्षतिग्रस्त पाई गई हैं।
यादव ने कहा कि पात्र किसान ऑनलाइन आवेदन कर सरलता से इस योजना का लाभ उठा सकते हैं।
कृषि विभाग के अनुसार सभी पात्र किसानों को अनुदान राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से सीधे बैंक खातों में भेजी जाएगी, ताकि पारदर्शी और समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित हो सके।
अनुदान की दरों की जानकारी देते हुए मंत्री ने बताया कि वर्षाश्रित (असिंचित) फसलों के लिए 8,500 रुपये प्रति हेक्टेयर, सिंचित फसलों के लिए 17,000 रुपये प्रति हेक्टेयर और शाश्वत/बहुवर्षीय फसलों (गन्ना सहित) के लिए 22,500 रुपये प्रति हेक्टेयर की सहायता राशि देय होगी। यह लाभ अधिकतम दो हेक्टेयर भूमि तक सीमित होगा।
उन्होंने कहा कि असिंचित फसलों के लिए न्यूनतम 1,000 रुपये, सिंचित के लिए 2,000 रुपये और बहुवर्षीय फसल के लिए 2,500 रुपये की राशि निर्धारित की गई है, ताकि छोटे एवं सीमांत किसानों को भी पर्याप्त राहत मिल सके।
मंत्री ने बताया कि किसान कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध लिंक के माध्यम से अपनी 13 अंकों की पंजीकरण संख्या डालकर आवेदन कर सकते हैं। प्रभावित 12 जिलों बेगूसराय, पूर्वी चंपारण, कैमूर, मधुबनी, किशनगंज, गया, भोजपुर, मधेपुरा, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, शिवहर और सुपौल के पात्र किसान इस योजना का लाभ ले सकेंगे। आवेदन की अंतिम तिथि दो दिसंबर 2025 निर्धारित की गई है।
यादव ने कहा कि कृषि इनपुट अनुदान योजना का उद्देश्य किसानों की तत्काल आर्थिक जरूरतों को पूरा करना और उन्हें दोबारा खेती शुरू करने में सक्षम बनाना है। उन्होंने सभी प्रभावित किसानों से निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन करने की अपील की और आश्वासन दिया कि राज्य सरकार हर परिस्थिति में किसानों के साथ खड़ी है।
भाषा कैलाश जोहेब
जोहेब

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