पटना, सात अगस्त (भाषा) बिहार के नवादा, नालंदा, पटना और शेखपुरा जिले देश के शीर्ष 15 साइबर-अपराध केंद्रों में शामिल हैं। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
पटना में बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में यह जानकारी सामने आई।
इस बैठक में बिहार के पुलिस महानिदेशक विनय कुमार और राज्य के सभी जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और पुलिस अधीक्षक वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए शामिल हुए।
बिहार सरकार के एक बयान के अनुसार, देश में साइबर अपराध के प्रमुख केंद्रों के तौर पर पहचाने गए जिलों में नवादा दूसरे, नालंदा चौथे, पटना सातवें और शेखपुरा 15वें स्थान पर रहा।
इसमें यह भी कहा गया कि पटना एटीएम और चेक के जरिए धोखाधड़ी से नकदी निकालने के मामले में प्रमुख जगहों में से एक है।
बयान में बताया गया कि ‘ऑपरेशन साइबर प्रहार’ के तहत अधिकारियों ने 6,251 ‘म्यूल’ बैंक खातों की जांच की, 702 लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की और 507 आरोपियों को गिरफ्तार किया।
म्यूल खाते ऐसे बैंक खाते होते है जिसका उपयोग अपराधी साइबर ठगी, धन शोधन और अवैध रूप से कमाई गयी रकम के अंतरण या उन्हें ठिकाने लगाने के लिए करते हैं।
अधिकारियों ने ‘मनी रेस्टोरेशन मॉड्यूल’ (एमआरएम) के जरिए साइबर धोखाधड़ी के पीड़ितों की मदद करने में हुई प्रगति पर भी जोर दिया।
बयान के अनुसार, एमआरएम के तहत 16,593 मामलों में से 5,642 मामलों पर कार्रवाई की गई है, जिससे 224.53 लाख रुपये की बहाली के आदेश जारी हुए हैं। शिकायत निवारण मॉड्यूल (जीआरएम) के तहत, बिहार ने बैंक खातों को गलत तरीके से ‘फ्रीज’ (लेन-देन पर रोक लगाने) करने से जुड़ी शिकायतों में से 98 प्रतिशत का निस्तारण किया है।
भाषा
प्रशांत नेत्रपाल
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