कांग्रेस का ‘वंदे मातरम्’ पर रुख दुस्साहसपूर्ण, अक्षम्य: शिवराज

कांग्रेस का ‘वंदे मातरम्’ पर रुख दुस्साहसपूर्ण, अक्षम्य: शिवराज

कांग्रेस का ‘वंदे मातरम्’ पर रुख दुस्साहसपूर्ण, अक्षम्य: शिवराज
Modified Date: August 20, 2026 / 07:56 pm IST
Published Date: August 20, 2026 7:56 pm IST

पटना, 20 अगस्त (भाषा) केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बृहस्पतिवार को कांग्रेस पर ‘वंदे मातरम्’ का पूर्ण पाठ करने से ‘दुस्साहसपूर्ण’ तरीके से इनकार करने का आरोप लगाते हुए कहा कि केवल पहले दो अंतरे गाने का उसका फैसला एक ऐसा ‘‘अपराध’’ है जिसे देश कभी माफ नहीं करेगा।

बिहार की एक दिवसीय यात्रा पर आए वरिष्ठ भाजपा नेता ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बुधवार को हुई कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक में लिए गए फैसले का उल्लेख किया।

अपने समापन संबोधन में चौहान ने कहा, ‘‘कांग्रेस के रुख से मुझे जो पीड़ा हुई है, उसे मैं आप सबसे साझा करना चाहता हूं। आज का यह कार्यक्रम राष्ट्रगीत के गायन से शुरू हुआ, यह कितना आनंददायक था।’’

मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘संसद ने कानून बनाया है कि ‘वंदे मातरम्’ का हमेशा पूर्ण रूप से गायन होगा। जब हम भारत माता की धरती का अन्न खाते हैं और उसकी नदियों का जल पीते हैं, तो क्या हमें इसका पूरा गायन नहीं करना चाहिए? लेकिन कांग्रेस ने कल अपनी बैठक में राष्ट्रगीत को पूरा नहीं गाने का निर्णय लिया।’’

चौहान ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने ‘‘मुस्लिम लीग के दबाव में’’ वर्ष 1937 में पहली बार ‘वंदे मातरम्’ के पूर्ण पाठ का विरोध किया था, जो भारतीय परंपराओं और मूल्यों के प्रति उसकी उपेक्षा को दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि अब भी संसद और संविधान से ऊपर होने का भ्रम पालकर कांग्रेस उसी रुख पर कायम है। उन्होंने कहा, “मैं कांग्रेस के इस रुख की कड़ी निंदा करता हूं। ‘वंदे मातरम्’ का हमेशा पूर्ण पाठ होना चाहिए। इससे इनकार करना ऐसा अपराध है जिसे राष्ट्र कभी क्षमा नहीं करेगा।’’

चौहान ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सराहना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में 50 लाख पक्के मकान बनाने जैसे वादे पूरे हुए हैं।

उन्होंने दावा किया कि यह ‘स्वच्छ प्रशासन’ के कारण संभव हुआ, जबकि पहले सरकार का एक रुपया खर्च होने पर केवल 15 पैसे ही लोगों तक पहुंचते थे।

चौहान का यह बयान पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के उस चर्चित कथन की ओर संकेत था, जिसका उल्लेख भाजपा अक्सर कांग्रेस शासनकाल में भ्रष्टाचार के आरोपों के संदर्भ में करती रही है।

चौहान ने बिहार के स्वयं सहायता समूहों की भी प्रशंसा करते हुए कहा कि राज्य में अब 43.27 लाख ‘लखपति दीदी’ हैं और इस योजना के क्रियान्वयन में बिहार देश में पहले स्थान पर है।

मंत्री ने कहा कि बिहार के किसान अक्सर बाढ़ और सूखे जैसी प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित होते हैं, लेकिन अब राज्य में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना लागू की जाएगी और किसानों को फसल बीमा का लाभ मिलेगा।

भाषा कैलाश शफीक

शफीक


लेखक के बारे में