नीट-2026 पुनर्परीक्षा को लेकर ईओयू की एहतियाती सलाह जारी, अफवाहों से सतर्क रहने की अपील

नीट-2026 पुनर्परीक्षा को लेकर ईओयू की एहतियाती सलाह जारी, अफवाहों से सतर्क रहने की अपील

नीट-2026 पुनर्परीक्षा को लेकर ईओयू की एहतियाती सलाह जारी, अफवाहों से सतर्क रहने की अपील
Modified Date: June 9, 2026 / 12:18 pm IST
Published Date: June 9, 2026 12:18 pm IST

पटना, नौ जून (भाषा) बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने 21 जून को आयोजित होने वाली नीट-2026 की लिखित पुनर्परीक्षा को लेकर अभ्यर्थियों एवं आम लोगों के लिए एहतियाती सलाह जारी करते हुए सोशल मीडिया पर फैलाए जाने वाले भ्रामक संदेशों, फर्जी कॉल एवं साइबर ठगी से सतर्क रहने की अपील की।

ईओयू द्वारा मंगलवार को जारी एहतियाती सलाह में कहा गया कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) की ओर से आयोजित नीट-2026 की लिखित पुनर्परीक्षा राज्य के विभिन्न जिलों के परीक्षा केंद्रों पर 21 जून को आयोजित की जाएगी। ऐसे में असामाजिक तत्वों और साइबर ठगों द्वारा परीक्षा से संबंधित अफवाहें फैलाने, प्रश्नपत्र या उत्तरपत्र उपलब्ध कराने के नाम पर अभ्यर्थियों को गुमराह करने तथा पैसे की ठगी करने की कोशिश की जा सकती है।

एहतियाती सलाह के अनुसार, फर्जी फोन कॉल, ई-मेल तथा फेसबुक, इंस्टाग्राम, टेलीग्राम, व्हाट्सएप और ‘एक्स’ जैसे सोशल मीडिया मंचों के जरिए परीक्षा से संबंधित भ्रामक सूचनाएं प्रसारित की जा सकती हैं, जिससे परीक्षा की शुचिता और अखंडता प्रभावित होने की आशंका है।

ईओयू ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति प्रश्नपत्र या उत्तरपत्र उपलब्ध कराने के नाम पर संपर्क कर पैसे की मांग करे तो इसकी सूचना तुरंत निकटतम थाना या साइबर थाना को दें। साथ ही परीक्षा से जुड़ा कोई भ्रामक या अफवाहयुक्त संदेश प्राप्त होने पर उसे अन्य लोगों या समूहों में अग्रेषित नहीं करें।

एहतियाती सलाह में कहा गया है कि यदि किसी सोशल मीडिया मंच पर प्रश्नपत्र या उत्तरपत्र वायरल किए जाने का दावा किया जाता है तो संबंधित पोस्ट, यूआरएल और पोस्ट करने वाले व्यक्ति की जानकारी तत्काल पुलिस को उपलब्ध कराई जाए ताकि मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

ईओयू ने कहा कि परीक्षा में गड़बड़ी फैलाने की किसी भी पूर्व सूचना की जानकारी उसके पटना स्थित कार्यालय के मोबाइल/व्हाट्सएप नंबर अथवा ई-मेल पर दी जा सकती है। साइबर ठगी से संबंधित शिकायत राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल के हेल्पलाइन नंबर पर भी दर्ज कराई जा सकती है।

इकाई ने यह भी कहा कि सार्वजनिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों के उपयोग को रोकने के लिए लागू कानून के तहत दोषियों को 10 वर्ष तक के कारावास और एक करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है।

भाषा कैलाश मनीषा रंजन

रंजन


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