बिहार में पहली बार भाजपा के नेतृत्व में सरकार, सम्राट चौधरी बने मुख्यमंत्री

Ads

बिहार में पहली बार भाजपा के नेतृत्व में सरकार, सम्राट चौधरी बने मुख्यमंत्री

  •  
  • Publish Date - April 15, 2026 / 10:11 PM IST,
    Updated On - April 15, 2026 / 10:11 PM IST

(तस्वीरों के साथ)

पटना, 15 अप्रैल (भाषा) बिहार में बुधवार को पहली बार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व में सरकार का गठन हुआ, जिसमें सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।

यह राज्य की राजनीति में एक बड़ा बदलाव है, जहां भाजपा छोटे भाई की भूमिका से बाहर निकल गयी है।

सम्राट चौधरी के अलावा जनता दल यूनाइटेड (जदयू) वरिष्ठ नेता विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव ने भी मंत्री पद की शपथ ली। दोनों को उपमुख्यमंत्री बनाया गया है।

तीनों नेताओं को राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने लोक भवन में पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। यह शपथ ग्रहण समारोह जदयू के वरिष्ठ नेता नीतीश कुमार द्वारा मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिये जाने के बाद हुआ है।

समारोह में नीतीश कुमार के अलावा केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा के पूर्व अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा तथा लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान सहित कई गणमान्य लोग मौजूद थे।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सम्राट चौधरी को बधाई देते हुए कहा कि उनकी ऊर्जा, जनसेवा के प्रति समर्पण और जमीनी अनुभव राज्य के विकास में सहायक सिद्ध होंगे।

सम्राट चौधरी ने शपथ ग्रहण के बाद पत्रकारों से कहा, “मैं आज से ही काम में जुट जाऊंगा। नरेन्द्र मोदी और नीतीश कुमार द्वारा विकसित शासन मॉडल को बिहार में आगे बढ़ाया जाएगा।”

राज्य में यह सत्ता परिवर्तन इसलिए हुआ क्योंकि 75 वर्षीय नीतीश कुमार राज्यसभा के सदस्य बन गए, जिससे उनका लगभग 20 वर्षों का मुख्यमंत्री का कार्यकाल समाप्त हो गया।

शाम को जारी अधिसूचना के अनुसार विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव को उपमुख्यमंत्री नामित किया गया।

अधिसूचना के मुताबिक मुख्यमंत्री ने गृह विभाग अपने पास रखा है और स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग तथा सतर्कता सहित करीब 30 महत्वपूर्ण विभाग भी अपने पास रखे हैं। इससे पहले भी गृह विभाग उपमुख्यमंत्री रहते हुए सम्राट चौधरी के पास था।

करीब तीन दशक के राजनीतिक अनुभव वाले 57 वर्षीय सम्राट चौधरी ने नौ वर्ष पहले भाजपा का दामन थामा था।

विजय कुमार चौधरी को जल संसाधन, संसदीय कार्य तथा सूचना एवं जनसंपर्क समेत 10 विभाग दिए गए हैं, जिन्हें वह पिछली सरकार में भी संभाल रहे थे।

बिजेंद्र प्रसाद यादव को ऊर्जा, वित्त तथा योजना एवं विकास समेत आठ विभाग दिए गए हैं, जो उनके पास पहले भी थे।

दोनों उपमुख्यमंत्री 1980 के दशक से राजनीति में सक्रिय हैं और उन्हें नीतीश कुमार का भरोसेमंद सहयोगी माना जाता रहा है।

शपथ ग्रहण के बाद मुख्यमंत्री ने सचिवालय जाकर अधिकारियों के साथ बैठक की और सरकार की प्राथमिकताओं से अवगत कराया। बाद में उन्होंने भाजपा कार्यालय जाकर कार्यकर्ताओं से मुलाकात की।

इस बीच, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता एवं विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया पर सम्राट चौधरी को “चयनित मुख्यमंत्री” बताते हुए तंज कसा और कहा कि उन्होंने निर्वाचित मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पीछे कर दिया।

उनका यह बयान पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के उस वादे के संदर्भ में था, जिसमें कहा गया था कि “2025 से 2030 तक नीतीश कुमार ही नेतृत्व करेंगे।”

सूत्रों के अनुसार, जल्द ही मंत्रिमंडल विस्तार की संभावना है, क्योंकि वर्तमान व्यवस्था में विभिन्न जातीय समूहों को प्रतिनिधित्व नहीं मिल पाया है।

सम्राट चौधरी कोइरी समुदाय से आते हैं, जो राज्य का एक प्रभावशाली अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) है। विजय कुमार चौधरी भूमिहार समुदाय से हैं, जबकि बिजेंद्र प्रसाद यादव राज्य के सबसे बड़े ओबीसी समूह से संबंध रखते हैं।

एक भाजपा नेता ने कहा, “वर्तमान मंत्रिमंडल में न तो कोई दलित है और न ही कोई महिला, जबकि मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में दोनों का प्रतिनिधित्व आवश्यक है।”

जदयू के एक नेता ने उम्मीद जताई कि मंत्रिमंडल में कुर्मी (नीतीश कुमार का समुदाय) और एक मुस्लिम सदस्य को भी शामिल किया जाएगा, ताकि पार्टी की “धर्मनिरपेक्ष” छवि बनी रहे।

भाषा कैलाश

राजकुमार

राजकुमार