पटना, 29 सितंबर (भाषा) बिहार में डिजिटल शिक्षा और कृत्रिम मेधा (एआई) आधारित शिक्षण को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार के विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग और गूगल एलएलसी के बीच मंगलवार को आशय पत्र पर हस्ताक्षर किए गए।
विभाग की ओर से जारी बयान के अनुसार, सहयोग का उद्देश्य शिक्षकों में एआई साक्षरता और क्षमता विकसित करना तथा शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया में आधुनिक डिजिटल एवं एआई तकनीकों के प्रभावी इस्तेमाल के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करना है।
इस समझौते के तहत ‘गूगल एआई एजुकेटर सीरीज’ के माध्यम से शिक्षकों को हिंदी और अंग्रेजी में स्थानीय संदर्भों के अनुरूप प्रशिक्षण दिया जाएगा।
प्रशिक्षण में ‘जेमिनी’ और ‘नोटबुकएलएम’ जैसे एआई उपकरणों के सुरक्षित और प्रभावी इस्तेमाल के साथ पाठ योजना तैयार करने, शिक्षण पद्धति बेहतर बनाने तथा प्रशासनिक कार्यों में एआई के उपयोग पर जोर दिया जाएगा।
समझौते के तहत शिक्षकों के लिए डिजिटल आईडी, गूगल के एआई उपकरणों तक सुरक्षित एवं व्यक्तिगत पहुंच और ‘गूगल फॉर एजुकेशन’ तंत्र के तकनीकी एकीकरण में सहयोग का प्रस्ताव है।
इसके अलावा आईसीटी लैब, कनेक्टेड एवं स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल लाइब्रेरी और भाषा प्रयोगशालाओं जैसे डिजिटल शिक्षण वातावरण के विकास के लिए तकनीकी परामर्श उपलब्ध कराया जाएगा।
बयान के अनुसार, स्थानीय भाषाओं में प्रशिक्षण, दक्षता-आधारित आकलन तथा एआई साक्षरता पर केंद्रित हाइब्रिड प्रशिक्षण और प्रमाणन की व्यवस्था का भी प्रस्ताव है।
‘गूगल एजुकेटर ग्रुप्स’ के माध्यम से शिक्षकों के बीच सहकर्मी-अधिगम और एआई आधारित शिक्षण के उपयोगी उदाहरण साझा करने को भी प्रोत्साहित किया जाएगा।
भाषा कैलाश पारुल जितेंद्र
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