बिहार पर्यटन के योजनाबद्ध और दीर्घकालिक विकास के लिए सरकार प्रतिबद्ध : केदार गुप्ता
बिहार पर्यटन के योजनाबद्ध और दीर्घकालिक विकास के लिए सरकार प्रतिबद्ध : केदार गुप्ता
पटना, 15 जुलाई (भाषा) बिहार के पर्यटन मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता ने बुधवार को कहा कि राज्य सरकार पर्यटन क्षेत्र के योजनाबद्ध, समावेशी और दीर्घकालिक विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि राज्य की ऐतिहासिक, धार्मिक, सांस्कृतिक तथा प्राकृतिक धरोहरों का संरक्षण करते हुए उन्हें आधुनिक पर्यटन सुविधाओं से सुसज्जित करना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
गुप्ता सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के संवाद कक्ष में आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि सीतामढ़ी के पुनौराधाम स्थित मां सीता जन्मस्थली मंदिर का निर्माण कार्य दिसंबर 2028 तक पूरा होने की संभावना है।
मंत्री ने कहा पर्यटन विभाग राज्य के धार्मिक, सांस्कृतिक और विरासत-आधारित पर्यटन को नयी पहचान देने के लिए विभिन्न परियोजनाओं पर कार्य कर रहा है।
पुनौराधाम स्थित मां सीता जन्मस्थली के समग्र विकास, सोनपुर के बाबा हरिहरनाथ मंदिर क्षेत्र के उन्नयन तथा राजगीर, वाल्मीकिनगर, फुलहर, सिंहेश्वर, कुशेश्वरस्थान, पटना हाट और पटना साहिब समेत विभिन्न प्रमुख स्थलों पर पर्यटन अवसंरचना का विकास किया जा रहा है।
पर्यटन विभाग के विशेष सचिव सह निदेशक उदयन मिश्रा ने बताया कि वर्ष 2025 में राज्य में कुल 6.62 करोड़ पर्यटकों का आगमन हुआ, जबकि वर्ष 2026 में मई तक ही 3.42 करोड़ पर्यटक बिहार आ चुके हैं।
उन्होंने कहा कि अब तक राज्य में लगभग 7.50 लाख विदेशी पर्यटक आए हैं और विदेशी पर्यटकों के आगमन के मामले में बिहार देश में नौवें स्थान पर है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने वर्ष 2026-27 के लिए मुख्यमंत्री होमस्टे प्रोत्साहन योजना-2026, सिंधु दर्शन तीर्थ यात्रा वित्तीय सहायता योजना-2026 तथा मुख्यमंत्री बिहार हेली-टूरिज्म एवं एयर टूरिज्म सेवा योजना-2026 को मंजूरी दी है।
उन्होंने कहा कि इन योजनाओं से पर्यटक सुविधाओं का विस्तार होगा, स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और पर्यटन के नए आयाम विकसित होंगे।
गुप्ता ने बताया कि श्रावणी मेला-2026 के अवसर पर भागलपुर, बांका और मुंगेर सहित संबंधित क्षेत्रों में व्यापक प्रशासनिक और पर्यटन संबंधी तैयारियां की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए टेंट सिटी, सूचना केंद्र, प्रकाश व्यवस्था, थीम आधारित प्रवेश द्वार, लेजर शो, ड्रोन शो, बैरिकेडिंग तथा स्वास्थ्य एवं प्रशासनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
उन्होंने कहा, “बिहार पर्यटन नीति-2023 के तहत निवेश प्रोत्साहन की प्रक्रिया भी जारी है। इसके अंतर्गत 37 प्रस्तावों को प्रथम चरण की स्वीकृति तथा दो परियोजनाओं को अंतिम स्वीकृति दी जा चुकी है। राज्य में पांच सितारा होटल परियोजनाओं को भी आगे बढ़ाया जा रहा है।”
मंत्री ने कहा कि बिहार पर्यटन के प्रचार-प्रसार के लिए देश के प्रमुख शहरों, रेलवे स्टेशनों, मेट्रो, हवाई अड्डों, बस आश्रयों तथा डिजिटल माध्यमों पर व्यापक अभियान चलाए जा रहे हैं। विभाग राष्ट्रीय स्तर के विभिन्न पर्यटन मेलों और आयोजनों में भी सक्रिय भागीदारी कर रहा है।
उदयन मिश्रा ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल पर्यटन स्थलों का विकास करना नहीं, बल्कि युवाओं, महिलाओं, स्वयं सहायता समूहों, स्थानीय उद्यमियों तथा सेवा क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए रोजगार और आजीविका के स्थायी अवसर सृजित करना भी है।
उन्होंने कहा कि बिहार को सुरक्षित, सुलभ, आकर्षक और आधुनिक पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित करने के लिए विभाग समयबद्ध कार्ययोजना के अनुसार आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि पर्यटन विकास का लाभ स्थानीय अर्थव्यवस्था, क्षेत्रीय पहचान और सामाजिक सहभागिता के रूप में व्यापक स्तर पर दिखाई दे।
मिश्रा ने विश्वास व्यक्त किया कि सुदृढ़ अवसंरचना, प्रभावी प्रचार-प्रसार, निवेश प्रोत्साहन और जनसहभागिता के बल पर बिहार निकट भविष्य में देश के अग्रणी पर्यटन राज्यों में अपना विशिष्ट स्थान स्थापित करेगा।
भाषा कैलाश
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