पटना, 21 जून (भाषा) बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अगुवाई वाले जनता दल यूनाइटेड (जदयू) ने पार्टी में कुछ महीने पहले शामिल हुए निशांत कुमार को ‘बड़ी भूमिका’ सौंपने का रविवार को प्रस्ताव पारित किया। वरिष्ठ पार्टी नेताओं ने यह जानकारी दी।
पार्टी के वरिष्ठ नेता और बिहार के मंत्री सुनील कुमार ने बताया कि जद(यू) की राज्य परिषद की बैठक में इस संबंध में एक ‘राजनीतिक प्रस्ताव’ पारित किया गया।
उन्होंने कहा, ‘‘राज्य परिषद की बैठक में, प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा के पुनर्निर्वाचन को सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी गई।’’
महनार से मौजूदा विधायक कुशवाहा को इस साल मार्च में लगातार तीसरी बार जद(यू) का प्रदेश अध्यक्ष चुना गया था।
उन्हें सबसे पहले 2021 में पार्टी के इस अहम पद पर नियुक्त किया गया था। इसे जद(यू) के पारंपरिक समर्थक आधार—कुर्मी और कोइरी जातियों (जिन्हें स्थानीय राजनीतिक शब्दावली में ‘लव-कुश’ कहा जाता है) को एकजुट करने की कोशिश के तौर पर देखा गया था।
सुनील कुमार से यह भी पूछा गया था कि क्या निशांत के बारे में कोई प्रस्ताव पारित किया गया है। निशांत भाजपा नीत बिहार की राजग सरकार में स्वास्थ्य मंत्री हैं। यह सरकार निशांत के पिता नीतीश कुमार के राज्यसभा के लिए चुने जाने और अप्रैल में मुख्यमंत्री पद से इस्तीफ़ा देने के बाद बनी थी।
कुमार ने जवाब दिया, ‘‘हां, पार्टी ने सर्वसम्मति से यह तय किया है कि निशांत हमारे भविष्य के नेता हैं। वह पहले से ही पार्टी के सक्रिय सदस्य हैं और सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया है कि उन्हें कोई बड़ी जिम्मेदारी सौंपी जाए।’’
यह पूछे जाने पर कि क्या निशांत को कार्यकारी अध्यक्ष बनाने पर कोई प्रस्ताव पारित हुआ है, तो कुमार ने कहा, ‘यह एक ऐसा फैसला है, जो हमारे राष्ट्रीय नेतृत्व द्वारा लिया जाना है। हमने निशांत में अपना पूर्ण विश्वास दोहराया है।’
फिलहाल राज्यसभा सदस्य संजय झा जद (यू) के कार्यकारी अध्यक्ष हैं।
इसी तरह की भावना ज़ाहिर करते हुए, जद(यू) की युवा विधायक कोमल सिंह ने पत्रकारों से कहा, ‘‘पार्टी की आज जो भी पहचान है, वह नीतीश कुमार की बदौलत है। हमने यह संकल्प लिया है कि निशांत भैया भविष्य में हमारे नेता होंगे।’’
भाषा
राजकुमार दिलीप
दिलीप