बिहार में सड़क सुरक्षा के लिए नयी पहल, नागरिक बन सकेंगे ‘यातायात प्रहरी’

बिहार में सड़क सुरक्षा के लिए नयी पहल, नागरिक बन सकेंगे ‘यातायात प्रहरी’

बिहार में सड़क सुरक्षा के लिए नयी पहल,  नागरिक बन सकेंगे ‘यातायात प्रहरी’
Modified Date: May 25, 2026 / 06:51 pm IST
Published Date: May 25, 2026 6:51 pm IST

पटना, 25 मई (भाषा) बिहार में सड़क सुरक्षा को सुदृढ़ बनाने और यातायात नियमों के प्रभावी अनुपालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से परिवहन विभाग ने एक नयी पहल शुरू की है। इसके तहत अब आमजन भी सड़क सुरक्षा के प्रहरी बनकर यातायात नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई में भागीदारी निभा सकेंगे।

परिवहन विभाग ने यातायात नियमों के उल्लंघन की सूचना सीधे विभाग तक पहुंचाने के लिए सोमवार को एक विशेष व्हाट्सएप नंबर और ई-मेल आईडी जारी की है।

परिवहन सचिव राज कुमार ने बताया कि कोई भी नागरिक तेज गति से वाहन चलाने, बिना हेलमेट वाहन चलाना, सीट बेल्ट का उपयोग न करना, दोपहिया वाहन पर तीन सवारी बैठाना, गलत दिशा में वाहन चलाना, मोबाइल फोन का उपयोग करते हुए वाहन चलाना तथा यातायात संबंधी अन्य नियमों के उल्लंघन से संबंधित फोटो या वीडियो विभाग के व्हाट्सएप नंबर 9153971897 और ई-मेल आईडी पर भेज सकता है।

उन्होंने कहा कि प्राप्त शिकायतों के आधार पर संबंधित वाहन और चालक के विरुद्ध मोटर वाहन अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।

कुमार ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और यातायात नियमों के पालन को बढ़ावा देने के लिए आमजन की भागीदारी आवश्यक है। अब नागरिक भी सड़क सुरक्षा के प्रहरी बनकर नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई में सहयोग कर सकते हैं।

परिवहन सचिव ने कहा कि प्राप्त फोटो और वीडियो के आधार पर वाहन संख्या तथा अन्य तथ्यों का सत्यापन किया जाएगा, जिसके बाद संबंधित वाहन मालिक एवं चालक के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।

राज कुमार ने कहा कि सड़क सुरक्षा सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों की सूचना देकर आम नागरिक सड़क दुर्घटनाओं को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

उन्होंने अपील की कि आमजन किसी भी नियम उल्लंघन की जानकारी मिलने पर जिम्मेदार नागरिक के रूप में विभाग को सूचित करें और स्वयं भी यातायात नियमों का पालन कर सुरक्षित बिहार के निर्माण में सहयोग करें।

भाषा

कैलाश रवि कांत


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