नीतीश कुमार ने सत्ता छोड़ने से पहले बिहार का खजाना खाली किया : तेजस्वी यादव

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नीतीश कुमार ने सत्ता छोड़ने से पहले बिहार का खजाना खाली किया : तेजस्वी यादव

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  • Publish Date - April 13, 2026 / 04:38 PM IST,
    Updated On - April 13, 2026 / 04:38 PM IST

(फोटो के साथ)

पटना, 13 अप्रैल (भाषा) राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने सोमवार को आरोप लगाया कि नीतीश कुमार ने राज्यसभा जाने से पहले बिहार का खजाना खाली कर दिया है और अब राज्य की सरकार “दिल्ली से चलाई जाएगी।”

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राज्य में जनता दल यूनाइटेड (जदयू) को “हड़प” लिया है।

यादव ने यहां संवाददाताओं से कहा, “नीतीश कुमार बिहार छोड़ने वाले हैं और उससे पहले ही उन्होंने राज्य का खजाना खाली कर दिया है। 20 वर्षों के राजग शासन के बाद भी बिहार सबसे गरीब राज्य बना हुआ है, जहां प्रति व्यक्ति आय और निवेश सबसे कम है तथा शिक्षा और स्वास्थ्य की स्थिति भी खराब है।”

राजद नेता ने यहां पार्टी मुख्यालय में प्रेसवार्ता में पार्टी के छात्र संगठन का नाम बदलकर ‘सोशलिस्ट स्टूडेंट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एसएसएआई)’ करने की घोषणा भी की।

उन्होंने कहा कि 2017 में गठित ‘छात्र राजद’ के नाम को समाप्त कर अब नए नाम को अपनाया जा रहा है।

यादव ने कहा, “उच्चतम न्यायालय के एक पुराने आदेश में छात्र संगठनों के नाम में राजनीतिक दलों के नाम के इस्तेमाल पर रोक लगाई गई है। उसी आदेश के अनुरूप हमने ‘छात्र राजद’ का नाम बदलकर एसएसएआई कर दिया है।”

उन्होंने बताया कि उच्चतम न्यायालय द्वारा सितंबर 2006 में स्वीकार और अनिवार्य किए गए लिंगदोह समिति की रिपोर्ट में भी छात्र संगठनों के नाम में राजनीतिक दलों के नाम के उपयोग पर प्रतिबंध लगाया गया था।

यादव ने कहा, “काफी समय से हमारा छात्र संगठन निष्क्रिय था। अब हम राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव के नेतृत्व में विश्वविद्यालयों तक पहुंच बनाएंगे और समाजवादी विचारधारा के साथ विद्यार्थियों को संगठित करेंगे।”

एसएसएआई के ‘निशान’ का अनावरण करने के बाद उन्होंने बताया कि इसमें तीन शब्द प्रमुख रूप से उभारे गए हैं—शिक्षा, समानता और रोजगार।

उन्होंने कहा, “आप जानते हैं कि आज देशभर में शिक्षा की स्थिति सबसे निचले स्तर पर है। इसे मुद्दा बनाना हमारी जिम्मेदारी है। राजद का छात्र संगठन सरकार के समक्ष अपनी मांगें रखेगा।”

भाषा कैलाश

राजकुमार

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