राज्यसभा जाएंगे नीतीश, आज दाखिल कर सकते हैं नामांकन

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राज्यसभा जाएंगे नीतीश, आज दाखिल कर सकते हैं नामांकन

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  • Publish Date - March 5, 2026 / 01:22 PM IST,
    Updated On - March 5, 2026 / 01:22 PM IST

(फोटो के साथ)

पटना, पांच मार्च (भाषा) जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के अध्यक्ष और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बृहस्पतिवार को घोषणा की कि वह राज्यसभा चुनाव लड़ेंगे। इसके साथ ही सबसे लंबे समय तक बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल का अंत हो जाएगा।

कुमार वर्ष 2005 से अब तक रिकॉर्ड 10 बार बिहार के मुख्यमंत्री रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में नए मुख्यमंत्री और राज्य की नयी सरकार को उनका पूरा सहयोग और मार्गदर्शन मिलेगा।

कुमार ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में राज्य की जनता के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा, ‘‘दो दशकों से अधिक समय तक आपने मुझ पर लगातार भरोसा और समर्थन जताया है। उसी विश्वास की ताकत से हमने बिहार और आप सभी की पूरी समर्पण भावना से सेवा की है। आपके भरोसे और समर्थन के कारण ही आज बिहार विकास और सम्मान की एक नयी पहचान प्रस्तुत कर रहा है।’’

उन्होंने कहा कि अपने संसदीय जीवन की शुरुआत से ही उनकी इच्छा रही है कि वह राज्य विधानमंडल के दोनों सदनों और संसद के दोनों सदनों के सदस्य बनें।

उन्होंने कहा, ‘‘इसी आकांक्षा के अनुरूप मैं इस बार होने वाले चुनाव में राज्यसभा का सदस्य बनने का प्रयास कर रहा हूं।’’

कुमार ने कहा, ‘‘मैं आपको पूरे विश्वास के साथ आश्वस्त करना चाहता हूं कि भविष्य में भी आपसे मेरा संबंध बना रहेगा और विकसित बिहार के निर्माण के लिए आपके साथ मिलकर काम करने का मेरा संकल्प अटल रहेगा। राज्य में बनने वाली नयी सरकार को मेरा पूरा सहयोग और मार्गदर्शन मिलेगा।’’

पिछले वर्ष नवंबर में हुए विधानसभा चुनाव में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) को प्रचंड जीत दिलाने के बाद कुमार के पद छोड़ने के साथ ही भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का कोई नेता राज्य के मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाल सकता है।

यदि ऐसा होता है तो बिहार को पहली बार भाजपा का मुख्यमंत्री मिलेगा। हिंदी पट्टी के राज्यों में बिहार ही एकमात्र ऐसा राज्य है जहां अब तक भाजपा का मुख्यमंत्री नहीं रहा है।

बिहार से राज्यसभा की पांच सीट के लिए 16 मार्च को मतदान होना है और नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि बृहस्पतिवार है।

राज्य विधानसभा में मौजूदा संख्या बल को देखते हुए कुमार का संसद के उच्च सदन के लिए निर्वाचित होना लगभग तय माना जा रहा है।

सुबह से ही बड़ी संख्या में जदयू कार्यकर्ता मुख्यमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं और कुमार के इस फैसले का विरोध कर रहे हैं।

राज्य में सुन्नी वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष और जदयू नेता अलहाज मोहम्मद इरशादुल्लाह ने कहा, ‘‘पार्टी कार्यकर्ता नीतीश कुमार के बिहार की राजनीति छोड़कर राज्यसभा जाने के फैसले से खुश नहीं हैं। जब मुझे इसकी जानकारी मिली तो यह मेरे लिए भी चौंकाने वाला था। उन्हें मुख्यमंत्री बने रहना चाहिए था।’’

कुमार की घोषणा पर प्रतिक्रिया देते हुए राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता मनोज झा ने ‘पीटीआई-वीडियो’ से कहा, ‘‘सोशल मीडिया पर पोस्ट पढ़ने के बाद साफ है कि इसे उन्होंने (पोस्ट) न तो खुद लिखा है और न ही खुद बोलकर लिखवाया है। यह दिल्ली से आया है। जदयू का मूल आधार इससे आहत है।’’

यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब दो दिन पहले जदयू नेताओं ने कहा था कि मुख्यमंत्री के पुत्र निशांत कुमार सक्रिय राजनीति में प्रवेश करेंगे।

राज्य के ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने मंगलवार को ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा था, ‘‘होली की पूर्व संध्या पर बिहार के लोगों के साथ एक अच्छी खबर साझा करनी है। कुछ समय से जदयू के भीतर और राज्य के युवाओं के बीच यह मांग उठ रही थी कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत राजनीति में आएं। अब इसके लिए रास्ता साफ हो गया है और एक-दो दिन में औपचारिक घोषणा की जाएगी।”

इस बात के कयास लगाए जा रहे हैं कि इंजीनियरिंग से स्नातक निशांत कुमार (40) नयी सरकार में उपमुख्यमंत्री बन सकते हैं।

इस बीच मुख्यमंत्री पद के दावेदार माने जा रहे उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कुमार के फैसले पर उन्हें बधाई दी।

चौधरी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट में कहा, ‘‘आपका दूरदर्शी नेतृत्व, सुशासन के प्रति अटूट प्रतिबद्धता और बिहार के सर्वांगीण विकास के लिए आपके निरंतर प्रयास हम सभी के लिए प्रेरणा हैं। मुझे विश्वास है कि आपके अनुभव और नेतृत्व से राज्यसभा की गरिमा और मजबूत होगी।’’

राज्यसभा चुनाव ऐसे समय हो रहे हैं जब जदयू के हरिवंश नारायण सिंह और रामनाथ ठाकुर, राजद के प्रेमचंद गुप्ता और अमरेंद्र धारी सिंह तथा राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) के उपेंद्र कुशवाहा का कार्यकाल समाप्त हो रहा है।

राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए 41 विधायकों के प्रथम वरीयता मत की आवश्यकता होती है। फिलहाल 243 सदस्यीय बिहार विधानसभा में राजग के पास 202 विधायक हैं, जिनमें भाजपा के 89 और जदयू के 85 विधायक शामिल हैं।

भाजपा ने अपने नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष और विधान परिषद सदस्य नितिन नवीन तथा प्रदेश महासचिव शिवेश कुमार को उम्मीदवार बनाया है। इसके अलावा पार्टी ने वर्ष 2025 में उच्च सदन में पहुंचे उपेंद्र कुशवाहा को एक और कार्यकाल के लिए समर्थन देने की घोषणा की है।

नीतीश कुमार के अलावा जदयू की ओर से रामनाथ ठाकुर को तीसरी बार राज्यसभा भेजे जाने की संभावना है, हालांकि पार्टी ने अभी आधिकारिक घोषणा नहीं की है।

कुमार के आज नामांकन दाखिल करने के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मौजूद रहने की संभावना है।

भाषा कैलाश मनीषा सुरभि

सुरभि