जदयू भाजपा की ‘बी टीम’, भविष्य में सत्तारूढ़ दल में हो जाएगा विलय: तेजस्वी यादव

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जदयू भाजपा की ‘बी टीम’, भविष्य में सत्तारूढ़ दल में हो जाएगा विलय: तेजस्वी यादव

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  • Publish Date - September 17, 2026 / 12:00 AM IST,
    Updated On - September 17, 2026 / 12:00 AM IST

पटना, 16 सितंबर (भाषा) राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने बुधवार को आरोप लगाया कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाला जनता दल (यूनाइटेड) अब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ‘बी टीम’ बन चुका है और भविष्य में उसका सत्तारूढ़ दल में विलय हो सकता है।

पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी ने यह दावा समान नागरिक संहिता (यूसीसी) पर जदयू के अस्पष्ट रुख और कुछ महीने पहले नीतीश कुमार द्वारा राज्य में भाजपा नीत सरकार के गठन का रास्ता साफ करने का हवाला देते हुए किया।

उन्होंने संवाददाताओं से बातचीत में कहा, ‘‘मैं पहले से कहता रहा हूं कि जदयू अब भाजपा की ‘बी टीम’ है। आने वाले दिनों में उसका भाजपा में विलय हो जाएगा। जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा इस विलय को सहज बनाने में लगे हैं। हमने कहा था कि नीतीश कुमार मुख्यमंत्री नहीं रहेंगे और वही हुआ।’’

राजद नेता का यह बयान उनकी पार्टी के सहयोगी भाई वीरेंद्र द्वारा जदयू के सामने सुलह का प्रस्ताव रखने के कुछ घंटे बाद आया। भाई वीरेंद्र ने भाजपा की सहयोगी जदयू से राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) छोड़ने और ‘‘तेजस्वी यादव के नेतृत्व में महागठबंधन की सरकार’’ के गठन में मदद करने की अपील की थी।

भाई वीरेंद्र ने ‘पीटीआई-वीडियो’ के साथ बातचीत में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के “2028 तक राजग शासित 22 राज्यों में यूसीसी लागू करने” संबंधी बयान को ध्यान भटकाने वाली राजनीति बताया।

राजद विधायक ने कहा, “जदयू की वैचारिक जड़ें समाजवादी आंदोलन में हैं। उनके कई नेताओं के बयान बताते हैं कि पार्टी यूसीसी के विरोध में है।”

उन्होंने कहा, “इसी पृष्ठभूमि में मैं नीतीश कुमार और युवा नेता निशांत कुमार से भाजपा के साथ साझेदारी छोड़कर महागठबंधन की सरकार बनाने में सहयोग करने की अपील करता हूं। मैं स्पष्ट कर दूं कि मेरी उस पार्टी के किसी नेता से कोई बातचीत नहीं हुई है। मैंने सिद्धांतों के आधार पर यह बयान दिया है।”

पूर्व राष्ट्रीय महासचिव श्याम रजक और नालंदा के सांसद कौशलेन्द्र कुमार समेत जदयू के कुछ नेताओं ने कहा है कि इस मुद्दे पर पार्टी का रुख वही रहेगा जो अतीत में नीतीश कुमार ने व्यक्त किया था कि, “संसद में हम यूसीसी विधेयक का समर्थन करेंगे, लेकिन बिहार में इसके क्रियान्वयन का विरोध करेंगे।”

इस बीच, 2017 में महागठबंधन सरकार के दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा विधि आयोग को लिखे गए एक कथित पत्र की भी सोशल मीडिया पर चर्चा है, जिसमें राज्यों पर यूसीसी लागू करने के लिए दबाव नहीं बनाने का आग्रह किए जाने का दावा किया गया है।

भाई वीरेंद्र से यह भी पूछा गया कि क्या वह इस बात से सहमत होंगे कि जदयू के 85 विधायक और राजद के 25 विधायक होने के कारण निशांत कुमार मुख्यमंत्री बनें।

इस पर उन्होंने कहा, ‘‘ऐसा सवाल ही नहीं उठता। जब भी हमारी पार्टी के साथ सरकार बनेगी, उसके मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ही होंगे।’’

भाषा कैलाश

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