Bihar Politics: बिहार में होने वाला है बड़ा खेला ? 9 विधायक मारेंगे पलटी! पटना से दिल्ली तक सियासी पारा हाई

Bihar Politics 9 MLAs change parties : बीजेपी-जेडीयू गठबंधन के भीतर वर्चस्व की जंग और विपक्ष में बिखराव के संकेतों ने कड़ाके की ठंड में भी सियासी पारा हाई कर दिया है।

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  • Publish Date - January 15, 2026 / 04:20 PM IST,
    Updated On - January 15, 2026 / 04:38 PM IST
HIGHLIGHTS
  • बिहार में 'ऑपरेशन दलबदल'? 9 विधायक पलटी मार करेंगे बड़ा खेल!
  • कांग्रेस के सभी 6 विधायकों के JDU के संपर्क में होने का दावा
  • पार्टी की कार्यप्रणाली से असंतुष्ट कांग्रेस विधायक
  • NDA के भीतर भी ‘नंबर गेम’ की होड़

Patna news: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में एनडीए की भारी जीत के मात्र दो महीने बाद ही राज्य की राजनीति में एक बार फिर बड़ी राजनीतिक हलचल होने वाली है। (Bihar Politics 9 MLAs change parties) बीजेपी-जेडीयू गठबंधन के भीतर वर्चस्व की जंग और विपक्ष में बिखराव के संकेतों ने कड़ाके की ठंड में भी सियासी पारा हाई कर दिया है। ताजा घटनाक्रम इस बात का संकेत कर रहे हैं कि आने वाले दिनों में बिहार विधानसभा का गणित एक बार फिर बदल सकता है।

कांग्रेस के सभी 6 विधायकों के JDU के संपर्क में होने का दावा

एक तरफ जहां RLM के तीन विधायकों के तेवर बदले हुए हैं। वहीं अब सबसे बड़ी खबर कांग्रेस खेमे से आ रही है। (Bihar Politics 9 MLAs change parties) मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, बिहार में कांग्रेस के सभी छह विधायक मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली जदयू के संपर्क में हैं। यदि ये विधायक पाला बदलते हैं, तो 243 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस का प्रतिनिधित्व जीरो हो जाएगा।

पार्टी की कार्यप्रणाली से असंतुष्ट कांग्रेस विधायक

Patna news: बताया जा रहा है कि कांग्रेस विधायक अपनी ही पार्टी की कार्यप्रणाली से असंतुष्ट हैं। (Bihar Politics 9 MLAs change parties) इस बात का संकेत यह है किहाल ही में पटना के सदाकत आश्रम में आयोजित ‘दही-चूड़ा’ भोज और पार्टी के संगठनात्मक कार्यक्रमों से इन विधायकों की लगातार अनुपस्थिति ने इन अटकलों को और हवा दी है। हालांकि, कांग्रेस नेतृत्व इसे ‘भ्रामक और राजनीतिक रूप से प्रेरित’ बता रहा है।

NDA के भीतर भी ‘नंबर गेम’ की होड़

वहीं सिर्फ विपक्ष ही नहीं, बल्कि सत्ताधारी गठबंधन एनडीए के भीतर भी सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। (Bihar Politics 9 MLAs change parties) कहा जा रहा है कि गठबंधन के सबसे बड़े दल भाजपा और जदयू के बीच ‘नंबर वन’ बनने की होड़ लगी हुई है।

इधर RLM में बगावत के सुर

Patna news:  इधर RLM में बगावत के सुर दिखाई दे रहे हैं। उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी ‘राष्ट्रीय लोक मोर्चा’ (RLM) के चार में से तीन विधायक रामेश्वर महतो, माधव आनंद और आलोक कुमार सिंह भाजपा के संपर्क में बताए जा रहे हैं। (Bihar Politics 9 MLAs change parties) दरअसल, RLM में असंतोष की मुख्य वजह उपेंद्र कुशवाहा द्वारा अपने बेटे दीपक को कैबिनेट में शामिल करना माना जा रहा है।

भाजपा का रुख इस तरह से सामने आया है कि भाजपा अपनी संख्या बल जो कि वर्तमान में 89 है, इस संख्या को और बढ़ाना चाहती है जिससे कि गठबंधन में उसका दबदबा बना रहे। वहीं जदयू जो कि 85 सीटों के साथ है, कांग्रेस विधायकों को तोड़कर भाजपा से आगे निकलने की जुगत में है। यदि ऐसा होता है तो भाजपा के विधायकों की संख्या 92 पर पहुंच जाएगी, और जेडीयू 91 पर जो कि सीधे तौर पर कांटे की स्थिति होगी।

RCP सिंह की वापसी की चर्चा

बिहार की राजनीति में एक और दिलचस्प चर्चा पूर्व केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह की जदयू में संभावित वापसी को लेकर है। नीतीश कुमार के कभी बेहद करीबी रहे आरसीपी सिंह को 2022 में पार्टी से निकाल दिया गया था। (Bihar Politics 9 MLAs change parties) चुनाव से पहले वे प्रशांत किशोर की ‘जन सुराज’ में शामिल हुए थे। हाल ही में एक ‘कुर्मी सम्मेलन’ में नीतीश कुमार के साथ उनकी परोक्ष उपस्थिति ने उनकी घर वापसी की चर्चाओं को हवा दे दी है।

विधानसभा की वर्तमान स्थिति (नवंबर 2025 चुनाव परिणाम)

बिहार विधानसभा में ताजा स्थिति की चर्चा करें तो इस समय NDA गठबंधन में सीटों की संख्या NDA(202) है जिसमें भारतीय जनता पार्टी (BJP)89, जनता दल (यूनाइटेड) JD(U) 85, लोक जनशक्ति पार्टी(रामविलास) 19, हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (HAM)05, राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) 04 शामिल हैं।

वहीं महागठबंधन में 35 सीटें हैं जिसमें राष्ट्रीय जनता दल (RJD)25, कांग्रेस (INC) 06, CPI (ML)02, CPI (M) 01, इंडियन इंक्लूसिव पार्टी (IIP) 01 शामिल है। वहीं, अन्य के खाते में कुल 06 सीटें हैं। इनमें AIMIM के पास 05 और बहुजन समाज पार्टी (BSP) के पास एक सीट है।

गौरतलब है कि एनडीए के पास स्पष्ट और भारी बहुमत है, लेकिन घटक दलों के बीच सर्वोच्चता की लड़ाई और छोटे दलों में आंतरिक असंतोष ने बिहार की राजनीति को एक अस्थिर दौर में धकेल दिया है। यदि ये दल-बदल हकीकत में बदलते हैं, तो यह न केवल विपक्षी गठबंधन (महागठबंधन) के लिए बड़ा झटका होगा, बल्कि नीतीश कुमार और भाजपा के बीच के शक्ति संतुलन और वर्चस्व की लड़ाई और तेज हो सकती है, जिसका असर केंद्र तक देखने को मिल सकता है।

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क्या बिहार में फिर से बड़े पैमाने पर दल-बदल होने वाला है?

हाँ, राजनीतिक संकेत यही बता रहे हैं। कांग्रेस के सभी 6 विधायक जदयू के संपर्क में बताए जा रहे हैं, जबकि RLM के 3 विधायक भाजपा के करीब माने जा रहे हैं। अगर यह सच हुआ, तो विधानसभा का गणित बदल सकता है।

कांग्रेस विधायकों के असंतोष की मुख्य वजह क्या है?

कांग्रेस विधायक पार्टी की संगठनात्मक कार्यप्रणाली और नेतृत्व से असंतुष्ट बताए जा रहे हैं। सदाकत आश्रम में हुए दही-चूड़ा भोज और अन्य कार्यक्रमों में उनकी अनुपस्थिति ने इस असंतोष को उजागर किया है।

NDA के भीतर भाजपा और जदयू के बीच तनाव क्यों है?

भाजपा (89 सीट) और जदयू (85 सीट) दोनों गठबंधन में सबसे बड़ी पार्टी बनने की होड़ में हैं। संभावित टूट-फूट से भाजपा 92 और जदयू 91 सीट तक पहुँच सकती है, जिससे वर्चस्व की लड़ाई और तेज हो गई है।