पटना, 28 जून (भाषा) बिहार में अपराध और भ्रष्टाचार बढ़ने के आरोपों को लेकर राज्य की राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार पर तीखा हमला करते हुए राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने रविवार को सम्राट चौधरी को ‘रबर-स्टांप’ मुख्यमंत्री बताया और कहा कि उनमें काबिलियत की कमी है।
यहां पत्रकारों से बात करते हुए राज्य विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष यादव ने राज्य की वित्तीय स्थिति पर सवाल उठाए और कहा कि सरकारी खजाना खाली होने के कारण वेतन और पेंशन में देरी हुई है।
यादव ने कहा, ‘‘राज्य एक नाजुक वित्तीय स्थिति से गुजर रहा है… निधि की कमी के कारण वेतन भुगतान में देरी हुई है और सरकारी योजनाओं व विकास परियोजनाओं पर बुरा असर पड़ा है। राज्य में भ्रष्टाचार और अपराध का बोलबाला है। कुछ चुनिंदा नौकरशाह सरकार चला रहे हैं। सम्राट चौधरी एक ‘रबर-स्टांप’ मुख्यमंत्री हैं… ‘सम्राट चौधरी अंगूठा छाप हैं’ और उनमें काबिलियत की कमी है… वह अपने शीर्ष नेतृत्व के निर्देशों पर काम कर रहे हैं।’’
‘रबर-स्टांप’ मुख्यमंत्री का आशय नाममात्र के मुख्यमंत्री से है जो खुद निर्णय नहीं लेता हो।
उन्होंने दावा किया कि राज्य में पूरी तरह से अराजकता फैली हुई है और आरोप लगाया कि केंद्र सरकार बिहार सरकार को राशि नहीं दे रही है।
हाल ही में राज्य सरकार ने पेंशन का भुगतान करने और कुछ योजनाओं के लिए ‘आकस्मिक निधि’ से 3,660 करोड़ रुपये निकाले। यादव ने कहा कि राज्य सरकार कल्याणकारी उपायों के लिए नियमित बजट प्रावधान करने के बजाय आपातकालीन फंड पर निर्भर है।
राज्य के कथित टेंडर घोटाले पर यादव ने कहा, ‘‘राज्य में करोड़ों रुपये के टेंडर घोटाले ने राजग नेताओं, खासकर भाजपा नेताओं की पोल खोल दी है। इससे पता चलता है कि राज्य में भ्रष्टाचार किस हद तक फैला हुआ है। राज्य सरकार इस घोटाले में शामिल कुछ बड़े लोगों को बचा रही है, यही वजह है कि हाल ही में आरोपपत्र दाखिल करने वाली विशेष सतर्कता इकाई (एसवीयू) ने इस मामले में कुछ अधिकारियों समेत केवल सात लोगों के नाम शामिल किए हैं।
यादव ने आरोप लगाया कि इस घोटाले में सिर्फ अनुसूचित जाति-जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग, के अधिकारियों को निशाना बनाया जा रहा है।
भाषा संतोष नरेश
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