राघोपुर में तेजस्वी यादव की हार अमेठी जैसी होगी : प्रशांत किशोर

राघोपुर में तेजस्वी यादव की हार अमेठी जैसी होगी : प्रशांत किशोर

राघोपुर में तेजस्वी यादव की हार अमेठी जैसी होगी : प्रशांत किशोर
Modified Date: October 11, 2025 / 10:03 pm IST
Published Date: October 11, 2025 10:03 pm IST

पटना/राघोपुर, 11 अक्टूबर (भाषा) जनसुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने शनिवार को राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी प्रसाद यादव के गढ़ राघोपुर से चुनावी अभियान की शुरुआत करते हुए दावा किया कि वह तेजस्वी को उनके ही क्षेत्र में ‘‘अमेठी जैसी हार’’ देंगे।

वैशाली जिले के राघोपुर विधानसभा क्षेत्र में पहुंचे 47 वर्षीय प्रशांत किशोर का जोरदार स्वागत किया गया। समर्थकों ने ढोल-नगाड़ों की थाप पर फूल-मालाओं से उनका अभिनंदन किया। यह इलाका पटना से करीब 50 किलोमीटर दूर गंगा के उस पार स्थित है और तेजस्वी यादव का पारंपरिक निर्वाचन क्षेत्र माना जाता है।

पिछले कुछ वर्षों से पैदल यात्रा कर बिहार के गांव-गांव जा रहे पूर्व चुनावी रणनीतिकार किशोर ने शनिवार को कई ग्रामीणों से मुलाकात की। ग्रामीणों ने उनसे शिक्षा, सड़क और अन्य बुनियादी सुविधाओं की कमी की शिकायत की।

किशोर ने लोगों से कहा, ‘‘आपका विधायक दो बार उपमुख्यमंत्री रह चुका है। क्या कभी उसने आपकी समस्याएं सुनीं?’’

इस पर कई ग्रामीणों ने बताया कि वे तेजस्वी यादव से मिलने में भी सक्षम नहीं हैं।

राघोपुर रवाना होने से पहले पटना में संवाददाताओं से बातचीत में किशोर ने कहा, ‘‘सुनने में आ रहा है कि तेजस्वी यादव इस बार दो सीटों से चुनाव लड़ सकते हैं। अगर उन्हें डर लग रहा है, तो दो जगह से लड़ लें। लेकिन राघोपुर में उनका हाल 2019 में राहुल गांधी जैसा होगा, जब वे दो सीटों से लड़े थे और अमेठी हार गए थे।’’

गौरतलब है कि राहुल गांधी ने 2019 में वायनाड सीट से जीत हासिल की थी, जबकि अमेठी में उन्हें भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की नेता स्मृति ईरानी के हाथों हार का सामना करना पड़ा था।

किशोर से यह भी पूछा गया कि क्या वह खुद राघोपुर से तेजस्वी यादव के खिलाफ चुनाव लड़ेंगे। इस पर उन्होंने कहा, ‘‘जनसुराज पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक रविवार को होगी। राघोपुर से मिले फीडबैक के आधार पर सबसे उपयुक्त उम्मीदवार तय किया जाएगा। यह कहना अभी संभव नहीं कि वह मैं होऊंगा या कोई और।’’

किशोर से जब भोजपुरी अभिनेता और भाजपा नेता पवन सिंह के चुनाव न लड़ने के फैसले पर सवाल पूछा गया खासकर उनकी पत्नी ज्योति सिंह की हालिया मुलाकात के संदर्भ में तो उन्होंने कहा, ‘‘पवन सिंह मेरे मित्र हैं, दुश्मन नहीं। जब उनकी पत्नी मुझसे अपनी परेशानियां साझा करने आईं, तो मैंने उन्हें भाई की तरह भरोसा दिलाया। जनसुराज पार्टी का उनके निजी विवाद से कोई लेना-देना नहीं है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘राज्य के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, मंत्री अशोक चौधरी और मंगल पांडे जैसे दागी नेता जनसुराज पार्टी से भयभीत हैं। अशोक चौधरी कहते हैं कि वे मानहानि का मुकदमा नहीं लड़ेंगे बल्कि जनता की अदालत में जवाब देंगे। पहले वे यह तो बताएं कि किस सीट से चुनाव लड़ेंगे हम तैयार हैं।’’

किशोर ने पार्टी की पहली सूची जारी होने के बाद असंतोष जताने वाले कार्यकर्ताओं पर कहा, ‘‘यह स्वाभाविक है। हजारों लोगों ने खून-पसीने से जनसुराज पार्टी बनाई है। विधानसभा में केवल 243 सीटें हैं, सबको टिकट देना संभव नहीं। लेकिन हमारी पार्टी लोकतांत्रिक है और सबकी बात सुनी जाएगी।’’

उन्होंने विश्वास जताया कि उनकी एक वर्ष पुरानी पार्टी आगामी बिहार विधानसभा चुनाव में ‘‘कड़ी चुनौती पेश करेगी’’ और ‘‘जनता इस बार जातीय वादों से ऊपर उठकर बदलाव चुनेगी।’’

भाषा

कैलाश

रवि कांत


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