विकसित बिहार का मंत्र शहरीकरण, औद्योगीकरण और पर्यटन : नीतीश मिश्रा

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विकसित बिहार का मंत्र शहरीकरण, औद्योगीकरण और पर्यटन : नीतीश मिश्रा

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  • Publish Date - June 23, 2026 / 08:13 PM IST,
    Updated On - June 23, 2026 / 08:13 PM IST

पटना, 23 जून (भाषा) नगर विकास एवं आवास मंत्री नीतीश मिश्रा ने मंगलवार को कहा कि विकसित बिहार के लिए शहरीकरण, औद्योगीकरण और पर्यटन तीन प्रमुख आधार हैं तथा राज्य इन क्षेत्रों के माध्यम से विकास की नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है।

मिश्रा ने पटना स्थित अधिवेशन भवन में नगर विकास एवं आवास विभाग और विश्व बैंक की ओर से आयोजित दो दिवसीय ‘बिहार अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन प्रोग्राम’ का उद्घाटन करते हुए कहा कि बिहार ने पिछले 20 वर्षों में विकास की लंबी और सकारात्मक यात्रा तय की है।

उन्होंने कहा, “अब समय बदल गया है। हमें ऐसे शहर विकसित करने होंगे जो वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर हों और जहां बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हों।”

मंत्री ने बताया कि शहरी कायाकल्प के लिए विश्व बैंक और विभाग के बीच साझेदारी हुई है, जिसके तहत विश्व बैंक अगले 10 वर्षों तक नगर स्थानीय निकायों (यूएलबी) की वित्तीय आत्मनिर्भरता सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग करेगा।

उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य शहरी विकास से जुड़े अधिकारियों और विशेषज्ञों की क्षमता बढ़ाना तथा बिहार के शहरों को सक्षम, समावेशी, टिकाऊ व भविष्य के अनुरूप बनाना है।

मिश्रा ने बताया कि कार्यशाला में वित्तीय प्रबंधन, नगर निकायों की आय बढ़ाने, परिसंपत्ति प्रबंधन, शहरी नियोजन और नए विकास मॉडल पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शहरों के विकास के लिए पर्याप्त वित्तीय संसाधनों की जरूरत होगी और ऐसे में नवाचार, टिकाऊ विकास व राजस्व सृजन की क्षमता वाली नगर निकाय परियोजनाओं को ‘अर्बन चैलेंज फंड’ के तहत प्रोत्साहित किया जाएगा।

विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार ने कहा कि बिहार को नियोजित शहरी परिवर्तन की दिशा में आगे बढ़ना होगा।

उन्होंने कहा कि रोजगार सृजन, आर्थिक विकास और विश्वस्तरीय सुविधाओं के लिए व्यवस्थित शहरीकरण जरूरी है।

कुमार ने कहा कि नए टाउनशिप विकसित किए जा रहे हैं और इसमें विश्व बैंक सहयोग कर रहा है।

अधिकारी ने कहा कि शहरीकरण केवल नए शहर बसाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अर्थव्यवस्था, संस्कृति और रोजगार के अवसरों में बदलाव का माध्यम भी है।

विश्व बैंक की प्रतिनिधि रोसाना निट्टी ने कहा कि शहरों के बेहतर प्रबंधन के लिए निजी क्षेत्र से राजस्व सृजन के अवसरों का उपयोग करना होगा।

उन्होंने बताया कि कार्यशाला में वित्तीय विकल्पों और सहयोग के विभिन्न पहलुओं पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

इससे पहले मंत्री ने पटना के गांधी मैदान गेट संख्या-4 और आयकर गोलंबर के पास ‘गिग वर्कर्स’ के लिए बनाए गए वातानुकूलित लाउंज का निरीक्षण किया।

उन्होंने अधिकारियों को इसके बेहतर संचालन और रखरखाव के निर्देश दिए। मिश्रा ने कहा कि ‘गिग वर्कर्स’ शहरी अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुके हैं और उनके लिए सुरक्षित एवं सुविधाजनक कार्य वातावरण उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।

उन्होंने कहा कि यह पहल श्रमिक कल्याण और समावेशी शहरी विकास की दिशा में राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

पटना देश का तीसरा शहर बन गया है, जहां ‘गिग वर्कर्स’ के लिए विशेष एसी लाउंज की व्यवस्था की गई है।

भाषा कैलाश जितेंद्र

जितेंद्र