Avimukteshwarananda Assaulted Prayagraj : प्रयागराज में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्यों से मारपीट, पुलिस ने किया आरोपों का खंडन, बताई पूरी बात

Avimukteshwarananda assaulted Prayagraj :

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  • Publish Date - January 18, 2026 / 06:19 PM IST,
    Updated On - January 18, 2026 / 06:19 PM IST

Avimukteshwarananda Assaulted Prayagraj, image source: social media

HIGHLIGHTS
  • माघ मेला क्षेत्र में साधु संतों के साथ दुर्व्यवहार,
  • भ्रामक सूचना फैलाये जाने का खण्डन ,
  • पुलिस अधीक्षक माघ मेला द्वारा दी गयी जानकारी,
  • 3 घंटे तक रास्ता रोका-बच्चों को ढाल बनाया,
  • अविमुक्तेश्वरानंद पर परंपरा के खिलाफ जाने का आरोप

प्रयागराज: प्रयागराज में मौनी अमावस्या पर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने अपने शिष्यों के साथ पुलिस द्वारा मारपीट का आरोप लगाया है। (Avimukteshwarananda Assaulted Prayagraj) इस पर पुलिस कमिश्नर ने आरोपों को नकारते हुए कहा कि शिष्यों ने बैरिकेड्स तोड़े, उस मार्ग से आगे जाने की अनुमति नहीं थी, जिसका CCTV फुटेज हमारे पास है।

आज मौनी अमावस्या में प्रयागराज संगम तट पर श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई, लेकिन शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने सुबह स्नान से मना कर दिया। (Avimukteshwarananda Assaulted Prayagraj) उन्होंने आरोप लगाए कि उनके शिष्यों के साथ मारपीट की गई। इस पर प्रयागराज के पुलिस कमिश्नर जोगेंद्र कुमार ने कहा कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सुबह करीब 9 बजे उस जगह आए, जो सुरक्षा कारणों से कल से बंद है। उनकी और उनके समर्थकों की पुलिस के साथ झड़प हुई, उनके बैरिकेड्स भी तोड़ दिए, जिसका CCTV फुटेज हमारे पास है।

जब उन्हें बताया गया कि वे परंपरा के खिलाफ जा रहे हैं, तो उन्होंने अपने रथ और समर्थकों के साथ लगभग तीन घंटे तक वापसी का रास्ता रोक दिया।(Avimukteshwarananda Assaulted Prayagraj) इससे अफरा-तफरी मच गई, उनके समर्थकों ने बच्चों को ढाल बनाकर हंगामा किया। बार-बार समझाने के बाद भी वे नहीं माने, वे अपने सभी 200 समर्थकों और एक रथ के साथ संगम नोज पर जाने की जिद पर अड़े थे, जो परंपरा के खिलाफ है। यहां आने वाला हर श्रद्धालु बराबर है।

किसी के साथ नहीं किया भेदभाव

पुलिस कमिश्नर ने कहा हमने उन्हें समझाने की कोशिश की कि अगर वे रथ और 200 लोगों के साथ आगे बढ़ते हैं, तो भगदड़ मच सकती है। (Avimukteshwarananda Assaulted Prayagraj)सुबह कोहरे की वजह से संगम पर सबसे ज़्यादा भीड़ सुबह 9-10 बजे के आसपास थी, तभी वे आए और संगम नोज पर जाने की जिद पर अड़ गए। उन्होंने बताया कि किसी भी संत को परंपरा के खिलाफ जाने की इजाज़त नहीं दी गई है और सभी से आम आदमी की तरह ‘स्नान’ करने को कहा गया है। तीन घंटे तक वापसी का रास्ता रोकने के बाद वे अपने आश्रम लौट गए, हर व्यक्ति की हर गतिविधि पर CCTV से नज़र रखी जा रही है, इसलिए कहीं भी किसी तरह के भेदभाव का सवाल ही नहीं है। हम CCTV फुटेज का विश्लेषण करने के बाद जरूरी कार्रवाई करेंगे।

अखिलेश यादव ने व्यवस्था को ठहराया दोषी

वहीं इस मामले की समाजवादी पार्टी नेता अखिलेश यादव ने कड़ी निंदा की है। अखिलेश यादव ने कहा कि माघमेला क्षेत्र में पिछले साल की तरह ही इस साल फिर से साधु-संतों-भक्तों के साथ हुआ दुर्व्यवहार अक्षम्य है। (Avimukteshwarananda Assaulted Prayagraj)सदियों से चली आ रही शाही-स्नान की अखंड सनातनी परंपरा में गत वर्ष भी इसी सरकार द्वारा विघ्न डाला गया था। प्रश्न ये है कि ऐसी घटनाएं भाजपा की सरकार में ही क्यों हो रही हैं? मौनी अमावस्या का शाही-स्नान क्या पहली बार हो रहा है? इस अवस्था के लिए भाजपा का कुशासन और नाकाम व्यवस्था ही दोषी है।

मुख्य को हर जगह मुख्य बनने की कोशिश नहीं करनी चाहिए, अहंकारी भाजपाई शासन और प्रशासन अपने से बड़ा किसी को नहीं मानता है। (Avimukteshwarananda Assaulted Prayagraj)अब क्या इसका दोष भी एआई पर मढ़ेंगे? यदि उत्तर प्रदेश के गृह सचिव मनमानी कर रहे हैं तो भी गलत है और अगर किसी के निर्देश पर कर रहे हैं तो और भी गलत है। उन्होंने कहा कि इसकी जांच होनी चाहिए।

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