Balaghat District Hospital Video: ‘रेफर सिस्टम बंद करो’….प्रसूता को रेफर करने पर भड़की विधायक, निजी अस्पताल से वापस जिला अस्पताल लेकर पहुंचीं, डॉक्टरों की लगा दी क्लास!

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Balaghat District Hospital Video: 'रेफर सिस्टम बंद करो'....प्रसूता को रेफर करने पर भड़की विधायक, निजी अस्पताल से वापस जिला अस्पताल लेकर पहुंचीं, डॉक्टरों की लगा दी क्लास!

  • Reported By: Hiten Chauhan

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  • Publish Date - August 1, 2026 / 02:32 PM IST,
    Updated On - August 1, 2026 / 02:32 PM IST

Balaghat District Hospital Video: 'रेफर सिस्टम बंद करो'....प्रसूता को रेफर करने पर भड़की विधायक, निजी अस्पताल से वापस जिला अस्पताल लेकर पहुंचीं, डॉक्टरों की लगा दी क्लास! /image: IBC24

HIGHLIGHTS
  • निजी अस्पताल रेफर की गई गर्भवती महिला को विधायक वापस जिला अस्पताल लेकर पहुंचीं
  • विधायक ने जिला अस्पताल में रेफरल व्यवस्था और मरीजों की देखभाल पर सवाल उठाए
  • सिविल सर्जन ने कहा कि हाईरिस्क मामलों में परिजनों की लिखित सहमति आवश्यक होती है

बालाघाट। Balaghat District Hospital Video: बालाघाट जिला अस्पताल में गर्भवती महिला को प्रसव से पहले हाईरिस्क बताकर निजी अस्पताल रेफर किए जाने का मामला अब तूल पकड़ गया है। विधायक अनुभा मुंजारे खुद निजी अस्पताल से प्रसूता को वापस जिला अस्पताल लेकर पहुंचीं और अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए। विधायक ने कहा कि जिला अस्पताल इलाज के लिए है, रेफर करने के लिए नहीं। वहीं सिविल सर्जन ने सफाई देते हुए कहा कि हाईरिस्क मामलों में परिजनों की सहमति यानी कंसर्न जरूरी होता है।

जानें पूरा मामला

विधायक अनुभा मुंजारे के परिचित परिवार की गर्भवती महिला प्रीति को गुरुवार को प्रसव के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। विधायक का आरोप है कि पूरे दिन महिला की ठीक से जांच नहीं की गई और बाद में प्रसव को हाईरिस्क बताकर निजी अस्पताल रेफर कर दिया गया। परिजन महिला को शहर के एक निजी अस्पताल ले गए, लेकिन इसकी जानकारी मिलने पर विधायक स्वयं वहां पहुंचीं और प्रसूता को वापस जिला अस्पताल लेकर सिविल सर्जन डॉ. निलय जैन के कक्ष पहुंचीं। इस दौरान उन्होंने प्रसव वार्ड की व्यवस्था, महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार और मरीजों की अनदेखी को लेकर अस्पताल प्रबंधन पर नाराजगी जताई।

विधायक ने डॉक्टरों की लगा दी क्लास

विधायक ने आरोप लगाया कि जिला अस्पताल में महिला चिकित्सक अपनी जिम्मेदारी से बच रही हैं और मरीजों व उनके परिजनों को इतना डरा दिया जाता है कि वे मजबूरी में निजी अस्पतालों का रुख कर लेते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जिला अस्पताल में मरीजों को रेफर करने की व्यवस्था नहीं बदली गई तो जनता के साथ मिलकर आंदोलन किया जाएगा।

वहीं सिविल सर्जन डॉ. निलय जैन ने कहा कि हाईरिस्क मामलों में परिजनों की लिखित सहमति यानी कंसर्न जरूरी होता है। पहले परिजन सहमति नहीं दे रहे थे, लेकिन अब कंसर्न मिलने के बाद महिला को दोबारा भर्ती कर इलाज शुरू कर दिया गया है।

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यह मामला कहां का है?

यह मामला मध्य प्रदेश के बालाघाट जिला अस्पताल का है।

विधायक अनुभा मुंजारे ने क्या आरोप लगाए?

उन्होंने आरोप लगाया कि गर्भवती महिला की उचित जांच नहीं की गई और उसे निजी अस्पताल रेफर कर दिया गया। साथ ही उन्होंने अस्पताल की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए।

अस्पताल प्रशासन का क्या कहना है?

सिविल सर्जन के अनुसार, हाईरिस्क मामलों में परिजनों की लिखित सहमति आवश्यक होती है और सहमति मिलने के बाद महिला को दोबारा भर्ती कर इलाज शुरू किया गया।

क्या प्रसूता का इलाज अब जिला अस्पताल में चल रहा है?

अस्पताल प्रशासन के अनुसार, महिला को दोबारा भर्ती कर उपचार शुरू कर दिया गया है।

क्या इस मामले में आगे कोई कार्रवाई हो सकती है?

विधायक ने व्यवस्था में सुधार की मांग की है और कहा है कि यदि स्थिति नहीं बदली तो जन आंदोलन किया जाएगा। फिलहाल किसी आधिकारिक जांच की घोषणा की जानकारी सामने नहीं आई है।