Reported By: Vijendra Pandey
,Conversion Conspiracy Exposed in Jabalpur || Image- AI Generated/IBC24 News
जबलपुर: मध्य प्रदेश की न्यायधानी जबलपुर में नेटवर्क मार्केटिंग की तर्ज पर धर्मांतरण कराने वाले एक गिरोह का मामला सामने आया है। हाउस मेड के रूप में काम करने वाली एक 40 वर्षीय महिला ने तीन लोगों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया है कि उसे ईसाई धर्म अपनाने के लिए आर्थिक प्रलोभन दिया गया और अन्य लोगों का धर्मांतरण कराने पर अतिरिक्त रकम देने का वादा किया गया। (Conversion Conspiracy Exposed in Jabalpur) मामले के सामने आने के बाद हिंदूवादी संगठनों ने इसे संगठित धर्मांतरण अभियान बताते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
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यह मामला कैंट थाना क्षेत्र की हिलट-गंज बस्ती का बताया जा रहा है, जहां मुख्य रूप से गरीब और निम्न आय वर्ग के हिंदू परिवार रहते हैं। शिकायतकर्ता सपना मलिक ने आरोप लगाया है कि कुछ लोगों ने उसे अपने घर से हिंदू देवी-देवताओं की मूर्तियां हटाने और केवल ईसा मसीह की पूजा करने के लिए दबाव बनाया। महिला का दावा है कि उसे ईसाई धर्म स्वीकार करने के बदले 12 हजार रुपये देने की पेशकश की गई थी।
सपना मलिक के अनुसार, आरोपियों ने केवल धर्म परिवर्तन के लिए प्रोत्साहित ही नहीं किया, बल्कि यह भी कहा कि यदि वह अन्य लोगों को भी ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित करेगी तो उसे प्रत्येक नए व्यक्ति के बदले अतिरिक्त राशि बोनस के रूप में दी जाएगी। महिला ने इसे नेटवर्क मार्केटिंग या चेन सिस्टम की तरह संचालित होने वाली गतिविधि बताया है।
महिला ने बताया कि उसने अपने साथ हो रही घटनाओं की जानकारी उस मकान मालिक को दी, जिसके यहां वह घरेलू काम करती है। इसके बाद यह मामला हिंदूवादी नेत्री एवं अधिवक्ता प्रीति धंधारिया तक पहुंचा। (Conversion Conspiracy Exposed in Jabalpur) उनकी सहायता से सपना ने सिलास राजेश, रवि और अमित मसीह नामक तीन लोगों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई। प्रीति धंधारिया का कहना है कि यह केवल एक व्यक्ति का मामला नहीं है, बल्कि इसके पीछे किसी बड़े और संगठित नेटवर्क की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
पुलिस ने महिला की शिकायत के आधार पर मध्य प्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम के तहत तीनों आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है और पुलिस सभी आरोपों की सत्यता की पड़ताल कर रही है।
मामले में नामजद आरोपी सिलास राजेश ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि उन्हें एक साजिश के तहत फंसाया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि चर्च की जमीन से जुड़े कुछ विवादों और शिकायतों के कारण उनके खिलाफ झूठा मामला तैयार किया गया है।
उधर, पुलिस अधिकारियों के अनुसार शिकायत दर्ज होने के बाद जब टीम पीड़िता के घर पहुंची तो वहां से कुछ ईसाई धार्मिक साहित्य बरामद हुआ, जिसे जांच के लिए जब्त कर लिया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले को गंभीरता से लिया गया है और सभी पक्षों के बयान तथा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
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यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि इसमें धर्मांतरण के लिए कथित तौर पर रेफरल बोनस और चेन सिस्टम जैसे मॉडल के इस्तेमाल के आरोप लगाए गए हैं। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि क्या वास्तव में इसके पीछे कोई संगठित गिरोह सक्रिय था या नहीं। जांच पूरी होने के बाद ही आरोपों की सत्यता और पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
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