नई दिल्लीः Finance Minister Sitharaman’s statement केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को लोकसभा में कहा कि देश की आर्थिक बुनियाद मजबूत बनी हुई है और भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले स्थिर स्थिति में है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अन्य उभरती अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में रुपये का प्रदर्शन बेहतर है। लोकसभा में एक पूरक प्रश्न के जवाब में वित्त मंत्री ने कहा कि भारत के राजकोषीय घाटे के प्रबंधन की वैश्विक स्तर पर सराहना हो रही है। उन्होंने बताया कि देश के पास मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार है, जो आर्थिक स्थिरता को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
Finance Minister Sitharaman’s statement सीतारमण ने अपने लिखित जवाब में कहा कि रुपये में आई कमजोरी केवल भारत तक सीमित नहीं है। उन्होंने बताया कि पश्चिम एशिया में संघर्ष शुरू होने के बाद कई प्रमुख एशियाई मुद्राओं में भी गिरावट देखी गई है। वित्त मंत्री के अनुसार, वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था मजबूती के साथ आगे बढ़ रही है और सरकार वित्तीय अनुशासन बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि दक्षिण कोरियाई वॉन 4.6 प्रतिशत, थाई बहत 5.5 प्रतिशत और फिलिपीन पेसो 4.8 प्रतिशत अधिक कमजोर हुई हैं।बता दें कि 28 फरवरी, 2026 को पश्चिम एशिया में संघर्ष शुरू होने के बाद से, रुपया 4.1 प्रतिशत कमजोर होकर 27 मार्च, 2026 को 94.82 रुपये प्रति अमेरिकी डॉलर पर बंद हुआ। हालांकि, चालू वित्त वर्ष (27 मार्च, 2026 तक) में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 9.9 प्रतिशत कमजोर हुआ है।भारत में महंगाई कम हुई : चौधरीवित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने कहा कि रुपये का मूल्य बाजार से तय होता है जो कई कारकों से प्रभावित होता है। कहा कि सरकार और रिजर्व बैंक इस पर नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने कहा कि भारत में महंगाई कम हुई है। औसत खुदरा महंगाई 2020-21 में 6.2 प्रतिशत से घटकर 2024-25 में 4.6 प्रतिशत और फिर 2025-26 (अप्रैल-फरवरी) में 1.9 प्रतिशत हो गई है। ज्यादातर जरूरी चीजों की कीमतें स्थिर रही हैं या उनमें गिरावट का रुख दिखा है।