Government Hostels for Students || Image- ibc24 news file
Government Hostels for Students in New Delhi: नई दिल्ली: दिल्ली की रेखा गुप्ता सरकार करीब 10 हजार छात्रों के लिए नए हॉस्टल का निर्माण कराएगी। मुख्यमंत्री गुप्ता ने मंगलवार को इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि छात्रों के लिए नई रेसिडेंस पॉलिसी तैयार की जा रही है। यह निर्णय सत्य निकेतन में हुए दर्दनाक हादसे के बाद लिया गया है। सरकार का कहना है कि दिल्ली में हर साल बड़ी संख्या में दूसरे राज्यों से छात्र पढ़ाई के लिए आते हैं, लेकिन उन्हें हॉस्टल सुविधा नहीं मिल पाती।
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मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा किए गए एक वीडियो में कहा कि हॉस्टल के लिए संबंधित विभागों के साथ बैठकें हो चुकी हैं और स्थानों की पहचान भी कर ली गई है। प्रस्तावित हॉस्टल में छात्र और छात्राओं दोनों के लिए सुविधाएं होंगी।
उन्होंने कहा कि इन हॉस्टलों में दिल्ली के किसी भी कॉलेज या विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले छात्र रह सकेंगे। सरकार का उद्देश्य ऐसा सुरक्षित और किफायती आवास उपलब्ध कराना है, जहां माता-पिता अपने बच्चों को निश्चिंत होकर छोड़ सकें और छात्र बिना किसी चिंता के अपनी पढ़ाई और भविष्य पर ध्यान दे सकें।
Initially, 10,000 students will be provided fully equipped hostel facilities by our government, and work towards this is already underway.
Every student who comes to Delhi carries a dream in their eyes, years of hard work behind them and the hopes of a family back home. Our… pic.twitter.com/pI7BNOIaqN
— Rekha Gupta (@gupta_rekha) September 15, 2026
Government Hostels for Students in New Delhi: मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली को देश का बड़ा शिक्षा केंद्र बनाना है तो कॉलेज और विश्वविद्यालयों में पढ़ने वाले छात्रों के लिए पर्याप्त हॉस्टल सुविधाएं उपलब्ध कराना जरूरी है। उन्होंने कहा कि हर साल लाखों छात्र अलग-अलग शिक्षण संस्थानों में दाखिले के लिए दिल्ली आते हैं, लेकिन कई छात्रों को हॉस्टल नहीं मिल पाता।
दरअसल यह फैसला दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में पांच मंजिला पेइंग गेस्ट इमारत गिरने के बाद आया है। दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस क्षेत्र में हुए इस हादसे में पांच छात्रों समेत सात लोगों की मौत हो गई थी। हादसे के बाद दिल्ली में छात्रों के लिए हॉस्टल सुविधाओं की कमी का मुद्दा फिर सामने आया। बड़ी संख्या में छात्र शहर के अलग-अलग PG इलाकों में महंगा किराया देकर रहने को मजबूर हैं।
Government Hostels for Students in New Delhi: हादसे के बाद उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक हुई थी, जिसमें मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भी मौजूद थीं। बैठक में उपराज्यपाल ने शिक्षा मंत्री आशीष सूद की अध्यक्षता में हॉस्टल नीति तैयार करने के लिए समिति बनाने का निर्देश दिया था। इसके बाद उपराज्यपाल की मंजूरी से 18 सदस्यीय समिति का गठन किया गया। समिति छात्रों के लिए आवास की मांग और उपलब्ध सुविधाओं के बीच अंतर का आकलन करेगी। साथ ही हॉस्टल बनाने के लिए जमीन की उपलब्धता भी देखी जाएगी।
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उपराज्यपाल ने अधिकारियों को खाली पड़ी सरकारी जमीन और इमारतों को छात्र आवास के रूप में इस्तेमाल करने की संभावनाएं तलाशने के भी निर्देश दिए हैं। दिल्ली सरकार 10 हजार छात्रों के लिए हॉस्टल क्षमता विकसित करने के साथ शहर में सुरक्षित और किफायती छात्र आवास की व्यापक नीति तैयार करने की दिशा में काम कर रही है।
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