Indian Ships in Strait of Hormuz: भीषण युद्ध क्षेत्र ‘स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज’ में फंसे है भारत के 20 से ज्यादा जहाज.. क्या ईरान को मना पायेगा भारत?.. जानें सरकार की कोशिशों के बारें में..

Indian Ships Stuck Strait of Hormuz: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में भारतीय जहाजों के फंसे होने की खबर, पीएम मोदी ने ईरान से बातचीत की, ऊर्जा सुरक्षा पर जोर।

Indian Ships in Strait of Hormuz: भीषण युद्ध क्षेत्र ‘स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज’ में फंसे है भारत के 20 से ज्यादा जहाज.. क्या ईरान को मना पायेगा भारत?.. जानें सरकार की कोशिशों के बारें में..

Indian Ships Stuck Strait of Hormuz || Image- Bloomberg File

Modified Date: March 13, 2026 / 06:46 pm IST
Published Date: March 13, 2026 6:46 pm IST
HIGHLIGHTS
  • स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में भारतीय टैंकरों की सुरक्षा चर्चा
  • पीएम मोदी ने ईरान राष्ट्रपति से की बातचीत
  • ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री सुरक्षा पर कूटनीति तेज

Indian Ships Stuck Strait of Hormuz: नई दिल्ली: मध्य एशिया में जारी भीषण युद्ध के बीच भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन से क्षेत्र की “गंभीर स्थिति” पर चर्चा की है। इस बातचीत का मकसद भारत स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज से टैंकरों की सुरक्षित तैनाती तय करने के विकल्प तलाश रहा है। बता दें कि, यह मार्ग देश की ऊर्जा परियोजनाओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

क्षेत्रीय तनाव और भारत की चिंता

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि वे बढ़ते तनाव और नागरिकों की उदासीनता तथा आधारभूत ढांचे को हुए नुकसान पर गहरी चिंता पहुंचाई। उन्होंने कहा कि भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और वस्तुओं व ऊर्जा की निर्बाध तैनाती भारत की प्राथमिकता है। हालांकि, उन्होंने अपने संदेश में सीधे तौर पर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का उल्लेख नहीं किया।

टैंकरों की तैनाती और ऊर्जा आपूर्ति

Indian Ships Stuck Strait of Hormuz: सूत्रों के अनुसार, भारत और ईरान के बीच 20 से अधिक टैंकरों की तैनाती को सुरक्षित करने के लिए बातचीत चल रही है। ये टैंकर कच्चा तेल, एलपीजी और एलएनजी से लड़े हैं और हाल के हमलों के कारण रास्ते में सीमेंट हुए हैं। भारत अपनी लगभग आधी कच्चे तेल की ज़रूरत मध्य पूर्व से, दो-तिहाई एलएनजी और लगभग पूरा एलपीजी आयात करता है।

बताया गया है कि इनमें से 10 टैंकर एलपीजी लेकर जा रहे हैं, जिनके कॉन्ट्रैक्ट इंडियन ऑयल कॉर्प और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्प जैसी कंपनियों के साथ हैं, जबकि 5 टैंकर कच्चा तेल ले जा रहे हैं।

बातचीत और कूटनीतिक प्रयास

भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने हाल के दिनों में कई बार अपने ईरानी समकक्ष अब्बास अराघची से बातचीत की है। एक कॉल में समुद्री सुरक्षा और भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर चर्चा हुई।

Indian Ships Stuck Strait of Hormuz: विदेशों में कहा गया था कि ईरान ने भारत-ध्वज वाले जहाजों को मार्ग देने की अनुमति दी है, लेकिन एक ईरानी अधिकारी ने इसे नकारते हुए कहा कि अभी कोई औपचारिक मंजूरी नहीं दी गई है। इस बीच, अमेरिका ने भारत को अस्थायी रूप से रूसी तेल खरीद बढ़ाने की अनुमति दी है। क्षेत्र में बढ़ते तनाव ने भारत की कूटनीतिक रणनीति को भी प्रभावित किया है।

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