MLA Atal Shrivastava Hidma Controversy || Image- AI Generaed File
रायपुर: बिलासपुर जिले के कोटा विधानसभा क्षेत्र के कांग्रेस विधायक अटल श्रीवास्तव के हिड़मा को लेकर दिए गए बयान पर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। (MLA Atal Shrivastava Hidma Controversy) भाजपा ने इस मुद्दे पर कांग्रेस और अटल श्रीवास्तव को घेरते हुए उनके खिलाफ जांच की मांग की है।
कोई संविधान के निर्माताओं से प्रेरणा लेता है, तो कोई स्वतंत्रता सेनानियों से… लेकिन कांग्रेस विधायक अटल श्रीवास्तव की प्रेरणा दुर्दांत नक्सली हिड़मा है।#माओवादी_कांग्रेस pic.twitter.com/pHItNNWKwa
— BJP Chhattisgarh (@BJP4CGState) July 13, 2026
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दरअसल कुछ दिन पहले मीडिया से बातचीत के दौरान अटल श्रीवास्तव से पूछा गया था कि क्या वह हिड़मा को अपना रोल मॉडल मानते हैं। इस पर उन्होंने कहा था कि “जो जल, जंगल, जमीन और बस्तर की संस्कृति को बचाने के लिए लड़ेगा, वह मेरा रोल मॉडल होगा।” इसी बयान को लेकर अब राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है।
भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष नंदन जैन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अटल श्रीवास्तव के बयान की जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ अब नक्सलवाद से मुक्त होने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, लेकिन कांग्रेस आज भी नक्सल विचारधारा के प्रति नरम रुख अपनाती दिखाई देती है। (MLA Atal Shrivastava Hidma Controversy) नंदन जैन ने आरोप लगाया कि झीरम घाटी हमले में अपने वरिष्ठ नेताओं को खोने के बाद भी कांग्रेस के कुछ नेता नक्सलियों के प्रति सहानुभूति रखते हैं। उन्होंने कहा कि मीडिया के सामने हिड़मा को हीरो बताने वाले बयान की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष और कोटा विधानसभा से चुनाव लड़ चुके प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने भी अटल श्रीवास्तव के बयान की आलोचना की। उन्होंने कहा कि यह केवल गैर-जिम्मेदाराना राजनीतिक बयान नहीं है, बल्कि नक्सली हिंसा में शहीद हुए जवानों, पीड़ित परिवारों और पूरे छत्तीसगढ़ की भावनाओं का अपमान है। उन्होंने अटल श्रीवास्तव से अपने कथित बयान पर सार्वजनिक स्पष्टीकरण देने और बिना शर्त माफी मांगने की मांग की है।
नक्सली हिड़मा को अपना रोल मॉडल मानने वाले कांग्रेसी देश और छत्तीसगढ़ की जनता से बिना शर्त माफी मांगे। जिस व्यक्ति के नाम के साथ नक्सली हिंसा, निर्दोषों की हत्या और जवानों पर हमलों की यादें जुड़ी हों उसका महिमा मंडन किसी पर कीमत पर स्वीकार नहीं हो सकता।
श्री @prabaljudevBJP जी… pic.twitter.com/KmJshOL1CW
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हिड़मा उर्फ माड़वी हिड़मा भारत के सबसे कुख्यात और लंबे समय तक सक्रिय रहे माओवादी (नक्सली) नेताओं में से एक माना जाता था। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, वह प्रतिबंधित भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) का शीर्ष कमांडर था और छत्तीसगढ़ के बस्तर, विशेषकर सुकमा-बीजापुर क्षेत्र में लंबे समय तक सक्रिय रहा। उसका नाम ताड़मेटला (2010), झीरम घाटी (2013) और 2021 के बीजापुर-सुकमा हमले समेत कई बड़े नक्सली हमलों से जोड़ा जाता रहा, जिनमें बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी और अन्य लोगों की जान गई थी।
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, हिड़मा बस्तर के एक आदिवासी परिवार से था और कई वर्षों तक माओवादी गतिविधियों का नेतृत्व करता रहा। (MLA Atal Shrivastava Hidma Controversy) उसकी गिरफ्तारी पर भारत सरकार और राज्य पुलिस ने लंबे समय तक बड़ा इनाम भी घोषित किया था। वह सुरक्षा बलों के लिए सबसे वांछित नक्सली नेताओं में शामिल था।
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पिछले नवंबर में एक एंटी-नक्सल ऑपरेशन के दौरान हिड़मा के आंध्र प्रदेश के अल्लूरी सीताराम राजू जिले के मारडूमिल्ली क्षेत्र के जंगलों में अपने साथियों के साथ मौजूद होने की सूचना मिली। इसके बाद आंध्र प्रदेश पुलिस, ग्रेहाउंड्स और पुलिस टास्क फोर्स ने संयुक्त अभियान चलाया। मुठभेड़ के दौरान हिड़मा और उसके कुछ साथियों के मारे जाने की जानकारी सुरक्षा एजेंसियों ने दी।
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