No-Confidence Motion in CG Assembly: अविश्वास प्रस्ताव पर देर रात तक चर्चा जारी! किरण सिंह देव बोले- हमें प्रमाण पत्र की आवश्यकता नहीं, मूणत ने भी कांग्रेस को घेरा

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अविश्वास प्रस्ताव पर देर रात तक चर्चा जारी! किरण सिंह देव बोले- हमें प्रमाण पत्र की आवश्यकता नहीं, No-Confidence Motion in Chhattisgarh Assembly

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  • Publish Date - July 17, 2026 / 11:58 PM IST,
    Updated On - July 18, 2026 / 12:08 AM IST

CG Assembly Session Live Today.image: IBC24 File

रायपुर। No-Confidence Motion in CG Assembly छत्तीसगढ़ विधानसभा में कांग्रेस द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर शुक्रवार को देर रात तक चर्चा जारी रही। करीब 11 घंटे से चल रही बहस के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय लगातार सदन में मौजूद रहे। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखे आरोप-प्रत्यारोप का दौर चलता रहा। भाजपा विधायक किरण सिंहदेव ने चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि साय सरकार को किसी से प्रमाण पत्र लेने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार पर जनता और भाजपा दोनों का पूरा भरोसा है। विधानसभा चुनाव में प्रदेश की जनता ने भाजपा के पक्ष में स्पष्ट जनादेश दिया है, जो सरकार के प्रति विश्वास का प्रमाण है।

No-Confidence Motion in CG Assembly उन्होंने कहा कि अविश्वास प्रस्ताव में विपक्ष ने काफी मेहनत की, लेकिन आरोपपत्र में कोई ठोस आरोप नहीं है। उन्होंने कहा कि जब भी अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा होती है तो पिछली और वर्तमान सरकार के कार्यकाल का तुलनात्मक अध्ययन भी होता है। जनता ने पहले विश्वास के साथ कांग्रेस को सत्ता सौंपी थी, लेकिन बाद में उसका मोहभंग हो गया, जिसके कारण भाजपा को जनादेश मिला।

वहीं भाजपा विधायक राजेश मूणत ने कांग्रेस के अविश्वास प्रस्ताव पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष 157 पन्नों का प्रस्ताव लेकर आया है, लेकिन उसमें किसी मंत्री के खिलाफ दस्तावेजों के साथ कोई ठोस आरोप प्रस्तुत नहीं किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में प्रदेश को लूटने का काम हुआ। मूणत ने कहा कि कांग्रेस शासन के पांच वर्षों में एक मंत्री को जेल भी जाना पड़ा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उस समय मंत्री मंत्रालय की इमारत में बैठकर काम करने के बजाय अन्य स्थानों से कामकाज करते थे। अविश्वास प्रस्ताव पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच देर रात तक बहस जारी रही। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के कार्यकाल, उपलब्धियों और कमियों को लेकर अपने-अपने तर्क सदन के सामने रखे। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय पूरे समय सदन में मौजूद रहकर कार्यवाही पर नजर बनाए रहे।