Quds Day Speech: कुद्स दिवस पर याद आई ‘ख़ामेनेई की शहादत’.. ईरानी राजदूत के इस भाषण में छिपा है हजारों मौतों का दर्द, आप भी सुनें

Quds Day Iranian Ambassador Speech: कुद्स दिवस पर ईरानी राजदूत के भाषण में खामेनेई, क्षेत्रीय तनाव और गाज़ा मुद्दे का उल्लेख, भारत में कार्यक्रम आयोजित।

Quds Day Speech: कुद्स दिवस पर याद आई ‘ख़ामेनेई की शहादत’.. ईरानी राजदूत के इस भाषण में छिपा है हजारों मौतों का दर्द, आप भी सुनें

Quds Day Iranian Ambassador Speech || Image- ANI India File

Modified Date: March 13, 2026 / 07:18 pm IST
Published Date: March 13, 2026 7:16 pm IST
HIGHLIGHTS
  • कुद्स दिवस पर ईरानी दूतावास में कार्यक्रम
  • राजदूत ने इज़राइल और अमेरिका की आलोचना की
  • क्षेत्रीय तनाव और गाज़ा पर बयान

Quds Day Iranian Ambassador Speech: नई दिल्ली: आज ईरान और दुनियाभर में फैले ईरानी मूल के लोगों के द्वारा कुद्स दिवस मनाया गया। यह दिन आमतौर पर रामज़ान के अंतिम शुक्रवार को मनाया जाता है। वैसे तो यह मुख्य रूप से ईरान में मनाया जाता है, लेकिन दुनिया के कई देशों में समर्थक रैलियाँ और कार्यक्रम आयोजित करते हैं। इसका मकसद इजरायली दमन और फलीस्तीन पर हिंसा के खिलाफ आवाम को एकजुट करना होता है।

याद आये सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह ख़ामेनेई

इसी कड़ी में भारत में स्थित ईरानी दूतावास में क़ुद्स दिवस इस बार गमगीन माहौल में मनाया गया। इस मौके पर भारत में मौजूद ईरानी राजदूत मोहम्मद फैथली ने ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह ख़ामेनेई की शहादत को याद करते हुए ईरानियों के लिए उनके मकसद को याद किया।

राजदूत फैथली ने इस मौके पर इजरायल और अमेरिका की जमकर मजम्मत की और उन्हें ‘हत्यारा’ करार दिया। फैथली ने कहा कि, आज क़ुद्स दिवस वे ऐसे समय में मना रहे हैं जब ईरान और उसके प्रभाव क्षेत्र में आने वाले सभी देशों की स्थिति अत्यंत जटिल और बेहद चिंताजनक है।

क्या कहा ईरानी राजदूत ने?

Quds Day Iranian Ambassador Speech: ईरानी राजदूत मोहम्मद फैथली ने कहा, “वह व्यक्ति जिसने अपने जीवन की अंतिम सांस तक यह घोषित किया कि फिलिस्तीन के उत्पीड़ित लोगों के साथ एकजुटता से खड़ा होना ही उसके जीवन का परम उद्देश्य है और इस मार्ग पर वह अपने अंतिम क्षण तक अडिग रहा। कुद्स दिवस केवल एक राजनीतिक कथा नहीं है; यह जीवित मनुष्यों की जीवंतता और अस्तित्व का प्रमाण है। आज हम कुद्स दिवस ऐसे समय में मना रहे हैं जब ईरान और उसके प्रभाव क्षेत्र में आने वाले सभी देशों की स्थिति अत्यंत जटिल और बेहद चिंताजनक है।”

स्कूल पर हुए हमले के लिए बताया जिम्मेदार

मोहम्मद फैथली ने आगे जिक्र किया कि, “यह आक्रमण तब शुरू हुआ जब संयुक्त राज्य अमेरिका के समर्थन से इजरायल ने हमारे राष्ट्र पर एक हिंसक आक्रमण किया। इसका दुखद परिणाम न केवल क्रांति के एक नेता की शहादत थी, बल्कि देश के कई प्रमुख राजनीतिक, सैन्य और रक्षा नेताओं का भी नुकसान था, जिन्होंने शहादत का गौरव प्राप्त किया। युद्ध के इन सभी भयावह वृत्तांतों के बीच, एक विशेष रूप से दुखद और हृदयविदारक घटना सामने आती है।”

Quds Day Iranian Ambassador Speech: फैथली ने कहा कि, “इन उत्पीड़कों द्वारा ईरान के एक स्कूल पर किया गया हमला, जिसमें 160 से अधिक छात्राओं की हत्या कर दी गई। ये निर्दोष बच्चियां छात्राएं थीं जो बेहतर भविष्य बनाने की उम्मीद में पढ़ने आई थीं, लेकिन वे सत्ता हथियाने वाले ज़ायोनी शासन और संयुक्त राज्य अमेरिका की हिंसा और क्रूरता का शिकार हो गईं। इन बच्चियों के हत्यारे वही लोग हैं जिन्होंने फ़िलिस्तीन की धरती पर गाज़ा में 75,000 निर्दोष महिलाओं और बच्चों को शहीद कर दिया है।”

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