Budget 2026 Live Updates || Image- IBC224 News File
Budget 2026 Live Updates: नई दिल्ली: केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण बजट पेश कर रही है। वही छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उप मुख्यमंत्री, दिग्गज मंत्रिगण और भाजपा संगठन के नेता भी सीतारमण का लाइव बजट भाषण सुन रहें है। रायपुर के भाजपा कार्यालय में लाइव बजट के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। इससे पहले अरुण साव ने संभावना जताते हुए कहा था कि, यह बजट समावेशी और जनहितैषी होगा।
Budget 2026 Live Updates: बता दें कि, देश की वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण आज लोकसभा में अपना लगातार नौवां केंद्रीय बजट पेश कर रही हैं। इस तरह उन्होंने पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है जबकि प्रणब मुखर्जी के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है। फिलहाल स्वतंत्र भारत में सबसे अधिक 10 बार केंद्रीय बजट पेश करने का रिकॉर्ड पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई के नाम है।
सीतारामन वर्ष 2026-27 के लिए भारत सरकार की अनुमानित प्राप्तियों और व्यय का विवरण प्रस्तुत करने जा रही है। वित्त मंत्री राजकोषीय उत्तरदायित्व और बजट प्रबंधन (एफआरबीएम) अधिनियम, 2003 की धारा 3(1) के तहत दो बयान भी प्रस्तुत करेंगे। इनमें मध्यम अवधि की राजकोषीय नीति-सह-राजकोषीय नीति रणनीति वक्तव्य और मैक्रो-आर्थिक ढांचा वक्तव्य शामिल हैं।
कार्यसूची में आगे कहा गया है कि सीतारमण लोकसभा में वित्त विधेयक, 2026 पेश करने की अनुमति मांगेगी। वह औपचारिक रूप से विधेयक पेश भी करेंगी।
वित्त विधेयक सरकार के वित्तीय प्रस्तावों को कानूनी रूप देता है। वित्त मंत्री सीतारमण लगातार नौवीं बार भारत का केंद्रीय बजट पेश करने जा रही हैं।
Budget 2026 Live Updates: गुरुवार को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए भारत का आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया था। बजट से पहले आर्थिक सर्वेक्षण पेश करना, भविष्य की राजकोषीय योजनाओं का विवरण देने से पहले अर्थव्यवस्था की स्थिति का संक्षिप्त विवरण देने की पुरानी परंपरा रही है।
भारत का आर्थिक सर्वेक्षण देश की अर्थव्यवस्था पर आधिकारिक वार्षिक “रिपोर्ट कार्ड” माना जाता है। यह पिछले वर्ष के दौरान अर्थव्यवस्था के प्रदर्शन की व्यापक, आंकड़ों पर आधारित समीक्षा प्रदान करता है और भविष्य की नीतिगत दिशा के लिए एक विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत करता है। सरकार की प्रमुख वार्षिक रिपोर्ट होने के नाते, यह पिछले 12 महीनों के प्रमुख आर्थिक घटनाक्रमों की समीक्षा करती है। केंद्रीय बजट की तैयारी में आर्थिक सर्वेक्षण की अहम भूमिका होती है। बजट में भविष्य के सरकारी खर्च, कराधान और नीतिगत उपायों पर ध्यान केंद्रित किया जाता है, जबकि आर्थिक सर्वेक्षण पिछले आर्थिक प्रदर्शन और रुझानों का विश्लेषण करके यह बताता है कि ये निर्णय क्यों आवश्यक हैं।
आर्थिक सर्वेक्षण आर्थिक मामलों के विभाग के आर्थिक प्रभाग द्वारा मुख्य आर्थिक सलाहकार (सीईए) के नेतृत्व में तैयार किया जाता है। इसे दो भागों में प्रस्तुत किया जाता है, जिनमें से प्रत्येक अर्थव्यवस्था के विभिन्न पहलुओं पर केंद्रित होता है। बजट सत्र 65 दिनों में 30 बैठकों तक चलेगा और 2 अप्रैल को समाप्त होगा। दोनों सदन 13 फरवरी को अवकाश के लिए स्थगित होंगे और 9 मार्च को पुनः सत्र शुरू करेंगे ताकि स्थायी समितियां विभिन्न मंत्रालयों और विभागों की अनुदान मांगों की जांच कर सकें।