Clinical Sites and Mineral Parks: देश के इन राज्यों में बनेंगे डेडिकेटेड मिनरल पार्क, 1000 से ज्यादा क्लीनिकल साइट्स का होगा निर्माण, बजट में इतने करोड़ का प्रावधान

Ads

देश के इन राज्यों में बनेंगे डेडिकेटेड मिनरल पार्क, Union Budget 2026: Clinical Sites and Mineral Parks

  •  
  • Publish Date - February 1, 2026 / 11:27 AM IST,
    Updated On - February 1, 2026 / 11:27 AM IST

नई दिल्लीः Clinical Sites and Mineral Parks: देश की वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को मोदी सरकार का आम बजट पेश किया। इस दौरान वित्त मंत्री ने कई बड़े ऐलान किए। वित्त मंत्री ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक इक्विपमेंट के लिए 40 हजार करोड़ देंगे। 1000 मान्यता प्राप्त क्लीनिकल साइट्स बनाई जाएंगी, जहां साइंटिफिक रिव्यू हो सकेंगे। सेमीकंडक्टर मिशन के लिए प्रोडक्शन और इंडियन आईपी बनाने, सप्लाई चेन बनाने के लिए प्रावधान किया गया है। इलेक्ट्रॉनिक इक्विपमेंट बनाने के लिए 40 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। रेयर अर्थ मटेरियल के लिए ओडिशा, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश में डेडिकेटेड फेसिलिसिटी बनाने की पहल की गई है। इसके लिए डेडिकेटेड मिनरल पार्क बनाए जाएंगे। हाई टेक टूल रूम दो लोकेशन पर हाई प्रेसिजन कंपोनेंट्स बनाने के लिए – इसके तहत टनल बोरिंग मशीन से लेकर मल्टी स्टोरीज में फायर फाइटिंग सिस्टम तक बनेंगे।

मोदी सरकार ने तय किए तीन कर्तव्य

Clinical Sites and Mineral Parks: वित्त मंत्री सीतारमण ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी का फोकस पिछड़ों और वंचितों को आगे लाने का है। कर्तव्य भवन में इस बजट को पेश करते हुए तीन कर्तव्य तय किए हैं। इकोनॉमिक ग्रोथ को बढ़ाना और जारी रखना। लोगों की उम्मीदों को पूरा करना, उन्हें देश के विकास में भागीदार बनाना। सबका साथ, सबका विकास के फॉर्मूले के साथ सभी को अवसर उपलब्ध कराना।

ऐसे की बजट भाषण की शुरुआत

निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण की शुरुआत करते हुए कहा, ‘माघ पूर्णिमा और गुरु रविदास की जयंती के अवसर पर मैं यह बजट पेश कर रही हूं। बीते 12 साल के दौरान अनिश्चितताओं के बावजूद हमने स्थिर अर्थव्यवस्था को बनाए रखा है। हमने दूरगामी ढांचागत सुधार किए हैं। आत्मनिर्भरता को प्रमुख उद्देश्य बनाए रखा है। आयात पर निर्भरता को घटाया है। हमने सुनिश्चित किया है कि नागरिकों को इसका लाभ मिले, कृषि उत्पादकता बढ़े और परिवारों की क्रय शक्ति बढ़े। इन उपायों की वजहों से सात फीसदी की विकास दर हासिल हुई है। इससे गरीबी उन्मूलन और लोगों के जीवन में सुधार हासिल हो सका है।’

नई प्रौद्योगिकी उत्पादन प्रणालियों को बदल रही है- वित्त मंत्री

वित्त मंत्री ने कहा- हम ऐसी बाहरी परिस्थिति का सामना कर रहे हैं जहां व्यापार और बहुपक्षवाद खतरे में है। नई प्रौद्योगिकी उत्पादन प्रणालियों को बदल रही है। भारत विकसित भारत की ओर विश्वास से भरे कदम उठाता रहेगा। भारत को वैश्विक बाजारों से एकीकृत होकर अधिक से अधिक निर्यात करना होगा। विश्व की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में लोगों का साथ खड़े रहने के लिए आभार। हमारा लक्ष्य विकास का लाभ सभी वंचित वर्गों और महिलाओं तक सुनिश्चित करना है।

यह भी पढ़ें