Nirmala Sitharaman Budget speech live, image source: ibc24
नईदिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Finance Minister Nirmala Sithraman) ने लोकसभा में अपना बजट (Union Budget 2026) भाषण पढ़ना शुरू किया। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अपना 9वीं बजट पेश कर रही हैं। संसद में उनका भाषण शुरू हो गया है। अपने भाषण में निर्मला सीतारमण ने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में सरकार ने लगातार काम किया। वित्तमंत्री ने खनिज कॉरिडोर के लिए राज्यों में तीन समर्पित रासायनिक पार्क की स्थापना की बात कही है। तीन राज्यों में माइनिंग कॉरिडोर का ऐलान करते हुए वित्त मंत्री ने ऐलान किया है कि ओडिशा, केरल और छत्तीसगढ़ में माइनिंग कॉरिडोर बनाया जाएगा।
वित्त मंत्री ने ऐलान किया कि 10 हजार करोड़ का SME ग्रोथ फंड रहेगा। टेक्सटाइल सेक्टर को भी सरकार बूस्टर देगी। 5 लाख से ऊपर आबादी वाले शहरों में सरकार इन्फ्रा बूस्ट करेगी।
सीतारमण ने कहा कि वे 16वें वित्त आयोग की रिपोर्ट पेश कर रही है। (Nirmala Sitharaman Budget speech live ) वित्तमंत्री ने कहा कि पिछले 12 साल से देश का आर्थिक विकास हो रहा है। वित्तमंत्री ने कहा कि पिछले 12 साल से देश का आर्थिक विकास हो रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि ग्रोथ हर आदमी तक पहुंचे। आर्थिक सर्वेक्षण में 7 फीसदी की दर से विकास दर मिली। हम विकसित भारत के विजन की तरफ काम करते रहेंगे।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के अपने बजट भाषण में कहा कि मोदी 3.0 कार्यकाल का तीसरा बजट पेश किया जा रहा है । भारत की आर्थिक व्यवस्था में स्थिरता बरकरार है। हम पूरी तरह से एकीकरण कर रहे हैं, जिससे SC/ST, गरीबों को फायदा मिलेगा। एक्सपोर्ट बढ़ाने पर जोर देने की जरुरत है।
निर्मला सीतारमण ने कहा, मैं देश की जनता का आभार व्यक्त करती हूं, जो दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होने की हमारी यात्रा में मजबूती से हमारे साथ खड़ी रही। हमारा लक्ष्य आकांक्षाओं को उपलब्धियों में और संभावनाओं को प्रदर्शन में बदलना है, ताकि विकास का लाभ हर किसान, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, घुमंतू समुदायों, युवाओं, गरीबों और महिलाओं तक पहुंचे। वित्त मंत्री ने बजट भाषण की शुरुआत में यह भी कहा कि सरकार ने बयानबाज़ी की बजाय सुधारों को प्राथमिकता दी, और इसी नीति की वजह से जारी भू-राजनीतिक संकटों के बावजूद भारत 7.2 प्रतिशत की GDP वृद्धि दर हासिल करने में सफल रहा।
गौरतलब है कि एक फरवरी यानि देश की अर्थव्यवस्था की दिशा तय करने वाला दिन आज को माना जाता है। क्योंकि आज संसद में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लगातार 9वां केंद्रीय बजट पेश कर रही हैं। इस बजट से जहां टैक्सपेयर्स को राहत की उम्मीद है तो वहीं मिडिल क्लास से लेकर गांव-किसान की नजरें भी सरकार के इस बजट पर टिकी हैं। निवेशक इस बात पर नजर लगाए हैं कि सरकार ग्रोथ और वित्तीय संतुलन के बीच कैसा तालमेल बैठाती है।
आपको बता दें कि यह बजट ऐसे वक्त में आ रहा है जब एक तरफ देश की घरेलू मांग मजबूत बताई जा रही है, तो दूसरी तरफ दुनिया में उथल-पुथल का माहौल है। अमेरिकी टैरिफ नीतियों और भू-राजनीतिक तनावों के बीच वैश्विक अर्थव्यवस्था अनिश्चितता के दौर से गुजर रही है।