Home » Budget » Budget 2026-27: The real power behind the budget! Every decision is made based on their perspective! Learn about the faces that make Nirmala Sitharaman's budget special.
Budget 2026-27: बजट के पीछे की असली ताकत! हर फैसला इनको देख कर बनता है! जानिए वो चेहरे जो निर्मला सीतारमण के बजट को बनाते हैं खास
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Budget 2026-27: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज 1 फरवरी को अपना 9वां बजट पेश कर रही हैं। बजट 2026-27 को तैयार करने में अनुराधा ठाकुर, अरविंद श्रीवास्तव और अन्य वरिष्ठ नौकरशाहों की अहम भूमिका है। ये अधिकारी बजट की नीतियों और फैसलों का निर्माण कर रहे हैं।
नई दिल्ली: Budget 2026-27 India आज, 1 फरवरी को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद में अपना लगातार नौवां केंद्रीय बजट पेश करेंगी। यह आम बजट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली NDA सरकार के तीसरे कार्यकाल का तीसरा बजट है। बजट ऐसे समय में आ रहा है जब भारतीय अर्थव्यवस्था 7.4% की विकास दर दर्ज कर रही है, लेकिन वैश्विक भू-राजनीतिक माहौल अभी भी अनिश्चित है।
बजट तैयार करने में वित्त मंत्रालय की कोर टीम (Budget Core Team)
बजट तैयार करने में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी का अहम योगदान है। इसके अलावा, वित्त मंत्रालय में अनुभवी नौकरशाहों की एक टीम बजट दस्तावेज को अंतिम रूप देने में मदद कर रही है। यह टीम राजकोषीय अनुशासन, राजस्व जुटाने और आर्थिक सुधारों के बीच संतुलन बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
प्रमुख अधिकारी और उनकी जिम्मेदारियां
बजट निर्माण में मुख्य भूमिका निभाने वाले अधिकारी इस प्रकार हैं-
अनुराधा ठाकुर: आर्थिक मामलों की सचिव और बजट की मुख्य शिल्पकार। वह संसाधनों के आवंटन और मैक्रो-इकोनॉमिक ढांचे को तय करने में प्रमुख हैं। 1 जुलाई 2025 को उन्होंने विभाग का नेतृत्व संभाला और यह उनका पहला बजट है।
अरविंद श्रीवास्तव: राजस्व सचिव। वे बजट के कर प्रस्तावों (Part B) के लिए जिम्मेदार हैं, जिसमें प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष कर शामिल हैं। उनका अनुभव वित्त मंत्रालय और पीएमओ में महत्वपूर्ण रहा है।
वुमलुनमंग वुलनाम: व्यय सचिव। सरकारी खजाने का प्रबंधन, सब्सिडी का संतुलन और केंद्रीय योजनाओं की निगरानी उनकी जिम्मेदारी है।
एम नागराजू: वित्तीय सेवा विभाग के सचिव। वे बैंकिंग, बीमा और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के वित्तीय स्वास्थ्य पर नजर रखते हैं।
अरुणिश चावला: DIPAM सचिव। सरकार के विनिवेश और निजीकरण के रोडमैप को लागू करना और गैर-कर राजस्व जुटाना उनका काम है।
के मूसा चालई: लोक उद्यम विभाग के सचिव। चयनित सीपीएसई की पूंजीगत व्यय और संपत्ति मुद्रीकरण की निगरानी उनके जिम्मे है।
मुख्य आर्थिक सलाहकार का योगदान (Contribution of Economic A)dvisor)
इन अधिकारियों के अलावा मुख्य आर्थिक सलाहकार (CEA) वी अनंत नागेश्वरन का कार्यालय बजट को व्यापक मैक्रो-इकोनॉमिक संदर्भ प्रदान करता है। वे आर्थिक विकास का पूर्वानुमान, विभिन्न सेक्टरों का विश्लेषण और वैश्विक जोखिमों का आंकलन कर वित्त मंत्री को सलाह देते हैं।
बजट की चुनौतियां (Budget Challenges)
आगामी बजट में विकास दर को बनाए रखना और राजकोषीय घाटे को नियंत्रित करना सबसे बड़ी चुनौती होगी। नए नेतृत्व वाले अधिकारी जैसे अनुराधा ठाकुर और अरविंद श्रीवास्तव, साथ ही अनुभवी नौकरशाहों की टीम, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को भारत की आर्थिक नीतियों की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण मदद प्रदान करेंगे।
वह आज 1 फरवरी को लगातार अपना 9वां केंद्रीय बजट पेश करेंगी। यह वित्त वर्ष 2026-27 का बजट है।
बजट तैयार करने में कौन-कौन मुख्य भूमिका निभा रहे हैं?
अनुराधा ठाकुर (आर्थिक मामलों की सचिव), अरविंद श्रीवास्तव (राजस्व सचिव), वुमलुनमंग वुलनाम, एम नागराजू, अरुणिश चावला, के मूसा चालई और मुख्य आर्थिक सलाहकार वी अनंत नागेश्वरन प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं।
अनुराधा ठाकुर की भूमिका क्या है?
अनुराधा ठाकुर बजट दस्तावेज़ तैयार करने वाली टीम की मुख्य शिल्पकार हैं और संसाधनों के आवंटन व मैक्रो-इकोनॉमिक ढांचे को तय करने में अहम हैं।
अरविंद श्रीवास्तव बजट में किस हिस्से के लिए जिम्मेदार हैं?
वे बजट के कर प्रस्ताव (Part B) के लिए जिम्मेदार हैं, जिसमें प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष कर शामिल हैं।