BREAKING NEWS
रिटायर्ड IAS हत्याकांड का संदिग्ध गिरफ्त से दूर

आईबीसी में आने से पहले 13.78 लाख करोड़ रुपये की चूक वाले 30,000 मामले निपटे: अधिकारी

आईबीसी में आने से पहले 13.78 लाख करोड़ रुपये की चूक वाले 30,000 मामले निपटे: अधिकारी

आईबीसी में आने से पहले 13.78 लाख करोड़ रुपये की चूक वाले 30,000 मामले निपटे: अधिकारी
Bhasha
Published: 10 May 2025 | 5:40 pmModified: 10 May 2025 | 5:40 pm

कोलकाता, 10 मई (भाषा) भारतीय दिवाला एवं शोधन अक्षमता बोर्ड (आईबीबीआई) के एक शीर्ष अधिकारी ने शनिवार को कहा कि दिसंबर, 2024 तक दिवाला एवं शोधन अक्षमता संहिता (आईबीसी) में दाखिल होने से पहले 30,000 से अधिक मामलों का निपटारा किया गया, जिसमें 13.78 लाख करोड़ रुपये की चूक शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि इससे साबित होता है कि आईबीसी के प्रावधानों ने देनदारों को संकट की स्थिति में जल्दी कार्रवाई करने के लिए प्रेरित किया है, जो उनके व्यवहार में सकारात्मक बदलाव दिखाता है।

आईबीबीआई के कार्यकारी निदेशक जितेश जॉन ने कहा, “ऋण अनुशासन में उल्लेखनीय सुधार हुआ है, जिसमें 30,310 मामलों को स्वीकार किए जाने से पहले ही निपटा दिया गया है। इनमें दिसंबर, 2024 तक 13.78 लाख करोड़ रुपये की चूक शामिल थी।”

यहां उद्योग मंडल भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) पूर्वी क्षेत्र द्वारा आईबीसी पर आयोजित आठवें वार्षिक सम्मेलन में जॉन ने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की ‘भारत में बैंकिंग की प्रवृत्ति और प्रगति 2023-24’ रिपोर्ट से संकेत मिलता है कि अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों द्वारा विभिन्न चैनलों के माध्यम से वसूले गए 96,000 करोड़ रुपये में से 46,000 करोड़ रुपये आईबीसी के माध्यम से आए, जो इसकी केंद्रीय भूमिका को उजागर करता है।

उन्होंने कहा कि मार्च 2025 तक 1,194 कॉरपोरेट दिवाला समाधान प्रक्रियाएं (सीआईआरपी) समाधान में पूरी हुईं, जिससे लेनदारों को 3.89 लाख करोड़ रुपये मिले। यह कुल दावों का लगभग 32 प्रतिशत है। समाधान योजनाओं के माध्यम से लेनदारों ने परिसमापन मूल्य का लगभग 170 प्रतिशत और उचित मूल्य का 93.36 प्रतिशत वसूल किया।

जॉन ने कहा कि दिलचस्प बात यह है कि इनमें से लगभग 40 प्रतिशत सीआईआरपी में बंद हो चुकी कंपनियां शामिल थीं। उन्होंने कहा कि इन्हें भी आईबीसी के माध्यम से पुनर्जीवित किया गया, जिससे रोजगार सृजन में योगदान मिला।

ऐसे मामलों में, दावेदारों को परिसमापन मूल्य का 150.33 प्रतिशत और उनके स्वीकृत दावों का 18.96 प्रतिशत प्राप्त हुआ।

भाषा अनुराग पाण्डेय

पाण्डेय

हमसे जुड़ें
FacebookTwitterInstagramMSNGoogle NewsYouTube

लेखक के बारे में

Web Title: आईबीसी में आने से पहले 13.78 लाख करोड़ रुपये की चूक वाले 30,000 मामले निपटे: अधिकारी

People also search for:ibc
खाद्य आपूर्ति को ‘हथियार’ की तरह इस्तेमाल करने और वैध उपायों में अंतर करना जरूरी: गोयल

खाद्य आपूर्ति को ‘हथियार’ की तरह इस्तेमाल करने और वैध उपायों में अंतर करना जरूरी: गोयल

01 Oct 2026 | 10:30 pm
ऊर्जा सुरक्षा के लिए मजबूत नियमन, बाजार आधारित सुधारों की जरूरत: नीति सदस्य गौबा

ऊर्जा सुरक्षा के लिए मजबूत नियमन, बाजार आधारित सुधारों की जरूरत: नीति सदस्य गौबा

01 Oct 2026 | 10:13 pm
महाराष्ट्र में संपत्ति दस्तावेजों के पंजीकरण के लिए आधार प्रमाणीकरण अनिवार्य

महाराष्ट्र में संपत्ति दस्तावेजों के पंजीकरण के लिए आधार प्रमाणीकरण अनिवार्य

01 Oct 2026 | 10:02 pm
एनसीएलटी अध्यक्ष का दिवाला मामलों के लिए वित्तीय सीमा बढ़ाकर पांच करोड़ रुपये करने का सुझाव

एनसीएलटी अध्यक्ष का दिवाला मामलों के लिए वित्तीय सीमा बढ़ाकर पांच करोड़ रुपये करने का सुझाव

01 Oct 2026 | 10:00 pm
महंगाई की चिंता के बीच जून तिमाही में शहरी परिवारों ने एफएमसीजी खर्च घटाया: रिपोर्ट

महंगाई की चिंता के बीच जून तिमाही में शहरी परिवारों ने एफएमसीजी खर्च घटाया: रिपोर्ट

01 Oct 2026 | 9:56 pm
कार्ल्सबर्ग की भारतीय इकाई समेत चार कंपनियों को आईपीओ के लिए सेबी की मंजूरी

कार्ल्सबर्ग की भारतीय इकाई समेत चार कंपनियों को आईपीओ के लिए सेबी की मंजूरी

01 Oct 2026 | 9:45 pm
एसईए ने तिलहन गलियारे की संभावना तलाशने को मोजाम्बिक के प्रांत के साथ करार किया

एसईए ने तिलहन गलियारे की संभावना तलाशने को मोजाम्बिक के प्रांत के साथ करार किया

01 Oct 2026 | 9:32 pm
न्यूजीलैंड सेब बागवानी के प्रोत्साहन के लिए हिमाचल को तकनीकी विशेषज्ञता देने को तैयार

न्यूजीलैंड सेब बागवानी के प्रोत्साहन के लिए हिमाचल को तकनीकी विशेषज्ञता देने को तैयार

01 Oct 2026 | 9:26 pm