(8th Pay Commission Updates/ Image Credit: AI-generated)
नई दिल्ली: 8th Pay Commission Updates: केंद्र सरकार के 50 लाख से अधिक कर्मचारियों और करीब 65 लाख पेंशनर्स की नजर 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission Updates) पर है। वेतन आयोग के गठन के बाद से ही बेसिक सैलरी, फिटमेंट फैक्टर, पेंशन और भत्तों को लेकर चर्चाएं तेज है। आयोग अपनी प्रक्रिया के माध्यम से आंकड़े जुटाने और अलग-अलग कर्मचारी संगठनों व विभागों से सुझाव लेने का काम कर रहा है। आने वाले समय में नए वेतन ढांचे की तस्वीर और साफ हो सकती है।
8वें वेतन आयोग को अपनी सिफारिशें तैयार करने के लिए 18 महीने की समयसीमा दी गई है। इस दौरान आयोग ने प्रारंभिक स्तर पर जरूरी डेटा और ज्ञापनों को जुटाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई है। अब विभिन्न राज्यों, विभागों और कर्मचारी प्रतिनिधियों के साथ परामर्श किया जा रहा है। सेना, रेलवे, डाक , सिविल सेवाओं और पेंशन एसोसिएशनों से ज्ञापन आमंत्रित किए गए हैं।
आयोग की सिफारिशों के प्रभावी होने की तारीख 1 जनवरी 2026 बताई जा रही है। इसका मतलब है कि अगर सरकार बाद में नई सिफारिशें (8th Pay Commission Updates) लागू करती है तो कर्मचारियों और पेंशनर्स को पिछली तारीख से लाभ मिलने की संभावना रहेगी। ऐसी स्थिति में वेतन और पेंशन में अंतर का एरियर भी दिया जा सकता है। हालांकि, वास्तविक भुगतान की प्रक्रिया सरकार के अंतिम फैसले पर निर्भर करेगी।
फिटमेंट फैक्टर वेतन बढ़ोतरी का अहम आधार माना जाता है। 7वें वेतन आयोग में यह 2.57 था। कर्मचारी संगठनों की ओर से इस बार 2.86 से लेकर 3.68 तक फिटमेंट फैक्टर की मांग की गई है। वहीं, कुछ अनुमानों में इसे 2.25 से 2.57 के बीच रहने की संभावना जताई जा रही है। अंतिम आंकड़ा आयोग की सिफारिश और सरकार की मंजूरी के बाद ही स्पष्ट होगा।
फिलहाल 7वें वेतन आयोग के तहत न्यूनतम बेसिक सैलरी 18,000 रुपये है। यदि नया फिटमेंट फैक्टर 2.25 से 2.57 के बीच रहता है तो न्यूनतम बेसिक वेतन करीब 40,000 रुपये से 46,000 रुपये तक पहुंचने का अनुमान लगाया जा रहा है। इसी तरह न्यूनतम पेंशन भी मौजूदा 9,000 रुपये से बढ़कर लगभग 20,000 रुपये से 23,000 रुपये हो सकती है। हालांकि ये अनुमान हैं, अंतिम रकम आयोग (8th Pay Commission Updates) की सिफारिश और केंद्र सरकार के निर्णय के बाद ही तय होगी।