नयी दिल्ली, 13 मार्च (भाषा) परेशान करने या धोखाधड़ी करने के इरादे से फोन करने या संदेश भेजने वाली संस्थाओं के फोन कनेक्शन अब काटे जा सकते हैं। दूरसंचार नियामक ट्राई ने शुक्रवार को जारी एक मसौदा प्रस्ताव में यह बात कही।
ट्राई ने कहा कि अगर दूरसंचार सेवा प्रदाताओं की कृत्रिम मेधा (एआई) आधारित स्पैम चेतावनी सेवा किसी नंबर को चिन्हित करती है, तो ग्राहकों की शिकायत के बिना भी उस पर कार्रवाई की जाएगी।
दूरसंचार वाणिज्यिक संचार ग्राहक वरीयता (तीसरा संशोधन) विनियम, 2026′ के मसौदे में उल्लंघनकर्ता से जुड़े सभी फोन कनेक्शनों को काटने का प्रस्ताव है, भले ही उन सभी का उपयोग स्पैम कॉल या संदेशों के लिए न किया गया हो।
भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने विभिन्न हितधारकों से मिले सुझावों के आधार पर ये बदलाव प्रस्तावित किए हैं।
ट्राई ने कहा कि जिस दूरसंचार परिचालक के नेटवर्क पर संदिग्ध स्पैम कॉल आती है, उसे दो घंटे के भीतर उस कॉलर का विवरण साझा करना होगा। इसके लिए स्पैम मैपिंग के लिए लागू ब्लॉकचेन तकनीक का उपयोग किया जाएगा।
भाषा पाण्डेय प्रेम
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