अदाणी पावर का शुद्ध लाभ चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 47 प्रतिशत बढ़कर 4,867 करोड़ रुपये पर
अदाणी पावर का शुद्ध लाभ चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 47 प्रतिशत बढ़कर 4,867 करोड़ रुपये पर
नयी दिल्ली, 22 जुलाई (भाषा) अदाणी पावर का शुद्ध लाभ चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-जून तिमाही में 47.24 प्रतिशत बढ़कर 4,866.60 करोड़ रुपये रहा। मुख्य रूप से आय बढ़ने और बिजली की मजबूत मांग से कंपनी का लाभ बढ़ा है।
कंपनी ने बुधवार को शेयर बाजारों को यह जानकारी दी। एक साल पहले 2025-26 की इसी तिमाही में कंपनी का लाभ 3,305.13 करोड़ रुपये था।
अदाणी पावर के बयान के अनुसार, आलोच्य तिमाही के दौरान, जयप्रकाश पावर वेंचर्स लि. में हिस्सेदारी खरीदने के बाद, अदाणी पावर लि. (एपीएल) ने एक सहयोगी कंपनी से लाभ के हिस्से के तौर पर 117.69 करोड़ रुपये प्राप्त किए।
इसके परिणामस्वरूप कंपनी का लाभ वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में 47.24 प्रतिशत बढ़कर 4,866.60 करोड़ रुपये पहुंच गया।
कंपनी के अनुसार, चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में उसने पिछली अवधि से जुड़ी 1,386.34 करोड़ रुपये की एक बारगी आय प्राप्त की। यह मुख्य रूप से कुछ बिजली खरीद समझौतों के तहत पुराने ऊर्जा शुल्क में संशोधन के कारण हुआ। वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में यह आंकड़ा 406.21 करोड़ रुपये था।
कंपनी की परिचालन आय जून, 2026 को समाप्त तिमाही में 28.08 प्रतिशत बढ़कर 17,550.43 करोड़ रुपये हो गयी, जो एक साल पहले 13,702.94 करोड़ रुपये थी।
बयान के अनुसार, यह बढ़ोतरी बिजली की मांग में भारी वृद्धि, अधिक परिचालन क्षमता और बेहतर शुल्क प्राप्ति के कारण हुई।
अदाणी पावर की स्थापित बिजली उत्पादन क्षमता वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में बढ़कर 18,330 मेगावाट हो गई, जो पिछले साल इसी तिमाही 17,550 मेगावाट थी।
अदाणी पावर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी एस बी ख्यालिया ने कहा, ‘‘… हम जयप्रकाश एसोसिएट्स की बिजली परिसंपत्ति में हिस्सेदारी खरीदकर अपनी पहुंच बढ़ा रहे हैं। साथ ही घरेलू और अंतरराष्ट्रीय पनबिजली परियोजनाओं में भी विस्तार कर रहे हैं और परमाणु बिजली के क्षेत्र में नए मौकों के लिए खुद को तैयार कर रहे हैं। हम भरोसेमंद और किफायती बिजली की आपूर्ति के जरिये भारत के दीर्घकालीन विकास लक्ष्यों को पूरा करने में मदद करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।’’
कंपनी के निदेशक मंडल (बोर्ड) ने पात्र संस्थागत नियोजन या दूसरे मंजूर तरीकों से, एक या अधिक चरणों में दो रुपये अंकित मूल्य के इक्विटी शेयर और/या दूसरी पात्र प्रतिभूतियों या अन्य संयुक्त मिश्रण के जरिये 15,000 करोड़ रुपये तक जुटाने को भी मंजूरी दी है।
बोर्ड ने कर्ज लेने की सीमा को 75,000 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 1,00,000 करोड़ रुपये करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी।
भाषा रमण अजय
अजय

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