स्वास्थ्य संकट को आर्थिक संकट में बदलने से रोकने के लिये सदस्य देशों की मदद करे एडीबी: सीतारमण

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स्वास्थ्य संकट को आर्थिक संकट में बदलने से रोकने के लिये सदस्य देशों की मदद करे एडीबी: सीतारमण

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  • Publish Date - May 5, 2021 / 04:37 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:55 PM IST

नयी दिल्ली, पांच मई (भाषा) भारत ने बुधवार को एशियाई विकास बैंक (एडीबी) जैसे कर्ज देने वाले बहुपक्षीय संस्थानों से कोविड महामारी के कारण उत्पन्न स्वास्थ्य संकट को आर्थिक तबाही में तब्दील होने से रोकने के लिये विकासशील देशों की मदद करने को कहा।

एडीबी के संचालन मंडल की 54वीं बैठक को वीडियो कांफ्रेन्स के माध्यम से संबोधित करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने विकासशील अर्थव्यवस्थाओं पर महामारी के दीर्घकालीन प्रभाव से बचने के लिये ‘समन्वित और समावेशी’ वैश्विक रणनीति पर जोर दिया।

सीतारमण ने कहा, ‘‘इस महामारी के बीच एडीबी जैसे बहुपक्षीय संस्थानों को स्वास्थ्य संकट को आर्थिक संकट में तब्दील होने से रोकने के लिये विकासशील सदस्य देशों (डीएमसी) को पहले से कहीं अधिक समर्थन देने तथा मदद करने की जरूरत है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘अर्थव्यवस्थाओं के विभिन्न क्षेत्रों में जो सुधार के संकेत हैं, उसे सावधानीपूर्वक आगे बढ़ाना होगा ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि संक्रमण की दरों में हाल ही में वृद्धि के कारण कोई प्रतिकूल झटका न लगे।’’

वित्त मंत्री ने एडीबी के विकसित और कर्ज नहीं लेने वाले सदस्य देशों से इस संकट की घड़ी में विकासशील सदस्य देशों के साथ खड़े होने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि यह वैश्विक आर्थिक समृद्धि को लेकर उनकी प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करेगा।

उन्होंने कहा कि साल-दर-साल गरीबी कम हुई लेकिन अकेले 2020 में करीब 7.8 करोड़ लोगों के गरीबी की खाई में फंसने का अंदेशा है। साथ ही इससे असमानता बढ़ी है।

सीतारमण ने कहा कि एडीबी ने इस मौके पर शुरुआती और तेजी से समर्थन प्रदान किया है। पहले कोविड महामारी के खिलाफ एक व्यापक कार्यक्रम के माध्यम से गंभीर वृहद आर्थिक और स्वास्थ्य प्रभावों का मुकाबला करने में मदद करने के लिए, और बाद में वैक्सीन समर्थन पैकेज के रूप में।

उन्होंने कहा, ‘‘हम आज अभूतपूर्व वैश्विक संकट का सामन कर रहे हैं। पिछले साल वैश्विक अर्थव्यवस्था में गिरावट आयी। इससे विकास को गंभीर झटका लगा और 2030 तक सतत विकास लक्ष्यों को हासिल करने को लेकर विकासशील सदस्य देशों की प्रगति बाधित हुई।’’

वित्त मंत्री ने कोविड और कोविड से इतर दूसरी परियोजनाओं के लिये समय पर वित्तीय समर्थन उपलब्ध कराने के लिये धन्यवाद भी दिया।

भाषा

रमण मनोहर

मनोहर