राष्ट्रमंडल खेलों में भारत को एक और डोपिंग झटका, जूडो खिलाड़ी तूलिका मान बाहर

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राष्ट्रमंडल खेलों में भारत को एक और डोपिंग झटका, जूडो खिलाड़ी तूलिका मान बाहर

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  • Publish Date - July 24, 2026 / 08:40 PM IST,
    Updated On - July 24, 2026 / 08:40 PM IST

… अपराजिता उपाध्याय …

(फोटो के साथ)

ग्लास्गो / नयी दिल्ली, 24 जुलाई (भाषा) राष्ट्रमंडल खेलों में भारत का डोपिंग विवाद लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है क्योंकि पिछली बार रजत पदक जीतने वाली जूडो खिलाड़ी तूलिका मान ग्लास्गो पहुंचने से पहले ही ‘तीन बार रहने के स्थान की जानकारी नहीं देने’ के नियम के उल्लंघन के कारण निलंबित होकर प्रतियोगिता से बाहर हो गईं।

भारत ने अब तक एक पदक सुनिश्चित कर लिया है। ओलंपिक कांस्य पदक विजेता मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन को महिला मिडिलवेट (75 किग्रा) वर्ग के सेमीफाइनल में सीधे प्रवेश मिलने से उनका कम से कम कांस्य पदक पक्का हो गया है।

इस बार खेलों का आयोजन सीमित स्तर पर होने के कारण दूसरे दिन के पहले सत्र में भारत के लिए प्रतिस्पर्धाओं की संख्या भी कम रही।

दिन की प्रमुख उपलब्धियों में दो बार के ओलंपियन तैराक श्रीहरि नटराज का पुरुषों की 50 मीटर बैकस्ट्रोक स्पर्धा के सेमीफाइनल में पहुंचना शामिल रहा। वह हीट में संयुक्त 14वें स्थान पर रहे और सेमीफाइनल में पहुंचने वाले 16 तैराकों में जगह बनाने में सफल रहे।

तूलिका (27 वर्ष) ने 2022 के बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में 78 किग्रा से अधिक वजन वर्ग में रजत पदक जीता था और इस बार भी वह पदक की प्रबल दावेदार थीं। अब उन पर दो साल के प्रतिबंध का खतरा मंडरा रहा है।

इस तरह दिल्ली की यह खिलाड़ी ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों से हटाई जाने वाली दूसरी जूडोका बन गईं।

बृहस्पतिवार को एक अन्य भारतीय जूडोका अरुण कुमार (73 किग्रा से कम वजन वर्ग में) को भी हटा दिया गया क्योंकि वह प्रतियोगिता से बाहर की गई डोप जांच में विफल पाए गए। नाडा ने उनके शरीर में एनाबॉलिक स्टेरॉयड पाए जाने के बाद उन्हें अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया।

भारतीय जूडो टीम अभी तक राष्ट्रमंडल खेलों के लिए रवाना नहीं हुई है क्योंकि उनकी प्रतियोगिताएं 31 जुलाई से शुरू होंगी। टीम के जूडो खिलाड़ियों को 27 जुलाई को रवाना होना है।

भारत ने शुरुआत में 14 सदस्यीय जूडो टीम को मंजूरी दी थी, जिसमें सात पुरुष और सात महिला खिलाड़ी शामिल थे। इनमें से डोपिंग के कारण दो के बाहर होने से 12 खिलाड़ी बच गये हैं।

पैरा पावरलिफ्टिंग में भारतीय खिलाड़ी कोई कमाल करने में नाकाम रहे। अशोक मलिक शुक्रवार को राष्ट्रमंडल खेलों की पुरुष लाइटवेट स्पर्धा में चौथा स्थान पर रहे।

अशोक ने कुल 143.8 अंक जुटाए, लेकिन वह पदक जीतने से चूक गए।

इंग्लैंड के मार्क स्वान ने 153.9 अंकों के साथ स्वर्ण पदक जीता। नाइजीरिया के रोलैंड एजुरुइके ने भी 153.9 अंक हासिल किए और रजत पदक अपने नाम किया, जबकि मलेशिया के बॉनी बुन्याउ गस्टिन ने 153.5 अंकों के साथ कांस्य पदक जीता।

प्रतियोगिता में भारत के एक अन्य खिलाड़ी परमजीत कुमार 135.6 अंकों के साथ कुल सातवें स्थान पर रहे।

पिछले राष्ट्रमंडल खेलों में भारत के चार सदस्यीय पैरा पावरलिफ्टिंग दल ने पुरुषों के हेवीवेट वर्ग में सुधीर के स्वर्ण पदक के रूप में एकमात्र पदक जीता था। हालांकि, बाद में डोपिंग रोधी नियमों के उल्लंघन का दोषी पाए जाने पर सुधीर पर दो वर्ष का प्रतिबंध लगा दिया गया और उनका स्वर्ण पदक भी वापस ले लिया गया।

इससे पहले नटराज ने राष्ट्रमंडल खेलों की पुरुषों की 50 मीटर बैकस्ट्रोक स्पर्धा में संयुक्त 14वें स्थान पर रहते हुए सेमीफाइनल में जगह बना ली।

दो बार के ओलंपियन और कई राष्ट्रीय रिकॉर्ड अपने नाम कर चुके नटराज ने 25.52 सेकंड का समय निकाला। उन्होंने बरमूडा के जैक हार्वे के साथ संयुक्त 14वां स्थान हासिल किया। सेमीफाइनल के लिए हीट से शीर्ष-16 तैराकों का चयन किया गया। नटराज अपनी आठ खिलाड़ियों वाली हीट में पांचवें स्थान पर रहे।

पैरा तैराकी में भारत के आरवीवीबीके बुडिगिना और इमाम अली ने पुरुषों की 100 मीटर फ्रीस्टाइल एस13 वर्ग के फाइनल के लिए क्वालीफाई किया। हीट में हिस्सा लेने वाले सभी आठ तैराक फाइनल में पहुंचे।

बुडिगिना ने 57.10 सेकंड के समय के साथ हीट में तीसरा स्थान हासिल किया जबकि इमाम अली 1:05.32 सेकंड के समय के साथ आठवें स्थान पर रहे।

एस13 वर्ग दृष्टिबाधित खिलाड़ियों के लिए निर्धारित पैरा तैराकी श्रेणी है।

इन खेलों का आयोजन केवल चार स्थलों पर किया जा रहा है जो आठ मील के दायरे में स्थित हैं। इस बार खेलों में सिर्फ 10 खेलों को शामिल किया गया है। बैडमिंटन, निशानेबाजी, कुश्ती और हॉकी जैसे खेल इसके कार्यक्रम का हिस्सा नहीं हैं, जिनमें भारत परंपरागत रूप से बड़ी संख्या में पदक जीतता रहा है।

भाषा आनन्द नमिता

नमिता