नयी दिल्ली, 23 जून (भाषा) परिधान निर्यात संवर्धन परिषद (एईपीसी) ने देश में मानव निर्मित रेशा (एमएमएफ) उद्योग के विकास को गति देने के लिए ताइवान की कंपनियों के साथ संयुक्त उपक्रम और प्रौद्योगिकी साझेदारी को बढ़ावा देने का मंगलवार को आह्वान किया।
टेक्सटाइल समिट 2026 में एईपीसी के चेयरमैन ए. शक्तिवेल ने कहा कि रणनीतिक अंतरराष्ट्रीय सहयोग से भारत की विनिर्माण क्षमता मजबूत होगी, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण को बढ़ावा मिलेगा और वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता में सुधार होगा।
परिषद ने बयान में कहा, ‘‘शक्तिवेल ने भारत के एमएमएफ पारिस्थितिकी तंत्र के तेज विकास के लिए ताइवान के साथ संयुक्त उपक्रमों और तकनीकी साझेदारी को प्रोत्साहित करने का सुझाव दिया।’’
इस सम्मेलन में नीति-निर्माताओं, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, विशेषज्ञों, राज्य सरकारों के अधिकारियों और परिधान क्षेत्र से जुड़े विभिन्न हितधारकों ने भाग लिया। सम्मेलन में वर्ष 2030 तक परिधान क्षेत्र के लिए सरकार के दृष्टिकोण को हासिल करने की रणनीतियों पर चर्चा की गई।
सरकार का लक्ष्य वर्ष 2030 तक 350 अरब अमेरिकी डॉलर के परिधान पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करना है, जिसमें 100 अरब अमेरिकी डॉलर का निर्यात शामिल है।
भाषा यासिर अजय
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